नया प्रोजेक्ट:इस बार बरसात में नहीं डूबेंगे शहर के सेक्टर, 1 करोड़ से सुधरेंगी ड्रेन

रोहतक8 महीने पहले
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निगम और हुडा के अधिकारियों के साथ बैठक करते मेयर मनमोहन गोयल। - Dainik Bhaskar
निगम और हुडा के अधिकारियों के साथ बैठक करते मेयर मनमोहन गोयल।
  • नगर निगम और हुडा विभाग के अधिकारियों की हुई बैठक में लगी मुहर, जून तक पूरा होगा पाइप लाइन बदलने का काम

निगम को स्थानांतरित हो चुके शहर के 5 सेक्टरों में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से 4 साल बाद छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम ने इसके लिए 1 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया है। इसके जरिए डैमेज हो चुकी पाइपलाइन बदलीं जाएंगी। वहीं जहां जरूरत होगी उसके हिसाब से नई पाइपलाइन बिछेगी और उनकी साफ सफाई कराई जाएगी। यह मामला 8 अप्रैल की नगर निगम की सामान्य बैठक में उठने के बाद सदन ने बरसाती पानी की समस्या का समाधान कराने का प्रस्ताव पास किया था।

इसी को लेकर अंबेडकर चौक स्थित नगर निगम कार्यालय में सोमवार को मेयर मनमोहन गोयल की अध्यक्षता में नगर निगम के अधिकारियों और हुडा विभाग के अधिकारियों की दोपहर 12:30 बजे बैठक हुई। बैठक में खास बात ये रही की पहले दोनों विभाग के अधिकारी एक दूसरे पर इस काम की जिम्मेदारी डालते रहे। हुडा विभाग की ओर से कहा गया कि उनके पास बजट का अभाव है। वे तकनीकी सहयोग कर सकते हैं।

हुडा विभाग से निगम को स्थानांतरित किए गए सेक्टर 1, 2, 3, 4 और सेक्टर-14 में लगभग 40 प्रति बरसाती पानी निकासी की पाइप लाइन बिछा दी गई है। बाकी एरिया में पाइप लाइन बिछानी होगी। बैठक में निगम के एक्सईएन योगराज छिक्कारा, हुडा के एक्सईएन देवेंद्र कुमार आहूजा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

यहां जलभराव से जूझ रहे सेक्टर वासी: सेक्टर-2 में सीनियर सिटीजन के साथ के मकानों, सीआईए ऑफिस के आसपास, इसी सेक्टर में पावर हाउस एरिया में अधिक जलभराव होता है। यहां हल्की बरसात में भी दो फीट से ऊपर पानी जमा हो जाता है। इसी क्रम में सेक्टर- 14 में मकान नंबर 400 से मकान नंबर 600 तक बरसात का पानी जमा होता है। इसके निकासी का कोई प्रबंध नहीं है।

निगम और हुडा ने करीब सवा करोड़ रुपए का एस्टीमेट बनाया है। प्रोजेेक्ट में पुराने सिस्टम की सफाई और रिपेयर की जानी है। अब निगम अपने स्तर से टेंडर लगवाकर काम कराएगा।
-देवेंद्र आहूजा, एक्सईएन हुडा विभाग।

2 माह में सेक्टर्स में बरसाती पानी की निकासी का प्रबंध कर लिया जाएगा। पूरा सिस्टम व्यवस्थित करने में करीब 25 लाख रुपए का बजट और खर्च होगा। डैमेज पाइप बदली जाएंगी। नई भी बिछेंगी।
-मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम।

पांचों सेक्टर में बरसाती पानी निकासी की व्यवस्था पर सहमति बन गई है। जल्दी ही काम शुरू करने का वादा हुआ है। मैंने जलभराव वाले इलाकों के बारे में अफसरों को बता दिया है।
-कदम सिंह अहलावत, पार्षद वार्ड-11

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