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सुझाव:व्यापारी बोले-बजट में ई-कॉमर्स को 5% टैक्स के दायरे में लाया जाए

रोहतक3 महीने पहले
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देशव्यापी किसान आंदोलन के आह्वान पर किसान मज़दूर संघर्ष सहयोग समिति के सदस्य उपवास रखे हुए। - Dainik Bhaskar
देशव्यापी किसान आंदोलन के आह्वान पर किसान मज़दूर संघर्ष सहयोग समिति के सदस्य उपवास रखे हुए।

कोरोना काल मे बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था से परेशान चल रहे व्यापारियों ने शनिवार को बैठक कर बजट के लिए सुझाव तैयार किए गए। इन सुझावों को आने वाले बजट से पहले ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्राचार के जरिए व्यापार संगठन की ओर से भेजा गया है। इसमें मुख्यत ई-कॉमर्स को 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाया जाए सुझाव दिया गया है।

इस बैठक में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जब जीएसटी को लागू किया गया तब एक नेशन एक टैक्स का नारा दिया था। अब केंद्र सरकार की ओर से टीसीएस (टैक्स कलेक्शन एट् सोर्स) जैसे टैक्स आए दिन लगाए जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, इसे हटाना चाहिए।

फल एवं सब्जी मंडी मार्केट के आढ़तियों पर आढ़ती टैक्स लगाना गलत निर्णय है। जब सरकार बड़े बड़े दावे कर रही थी, तभी इस वित्त वर्ष में जीडीपी माइनस 7.7 प्रतिशत में चली गई और केंद्र सरकार अब दावा कर रही है कि यह बढ़कर 11 प्रतिशत प्लस में चली जाएगी।

बैठक में इन्होंने भी लिया हिस्सा

इस मौके पर सब्जी एवं फल मंडी से साहिल मग्गू, शुभम डंग, रिंकू सैनी, गौरव चौधरी, बंटी कत्याल, प्रदेश संरक्षक राजकुमार मग्गू, सब्जी मंडी जिला प्रधान रामेश्वर सैनी, सब्जी मंडी प्रधान एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सोनू छाबड़ा, व्यापारी शहरी उपाध्यक्ष कपिल खन्ना, राजकुमार बब्बर, दीपक पुनियानी, विनोद गेरा, संगठन सचिव अमित वर्मा, जयंत वर्मा, अतुल जैन, पुनीत वर्मा, पुरानी सब्जी मंडी प्रधान बिट्टू टक्कर, किशन लाल शर्मा समेत अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।

ये हैं सुझाव

ई-कॉमर्स ऑनलाइन बिजनेस जो सरकार कॉरपोरेट कंपनियों पर मेहरबान है, उनको 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाना चाहिए, पारंपरिक खुदरा व्यापार और ई-कॉमर्स ऑनलाइन कंपनियां में प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी।

सरकार को राजस्व की प्राप्ति भी कई गुना बढ़ जाएगी और आम खुदरा व्यापारी भी अपना व्यापार कर सकेगा।

काॅरपोरेट की तरह पार्टनरशिप फर्म और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप को भी 30 फीसदी के बजाय 22 फीसदी में दायरे में लाया जाए।

ट्रेडर्स के लोन पर ब्याज में सब पेंशन योजना लागू की जाए, ताकि वर्तमान परिस्थितियों में व्यापार अपना जारी रख सकें।

कर्मचारियों की संख्या 20 से कम होने पर व्यापारियों को पीएफ रजिस्ट्रेशन के लिए कम से कम 2 साल के लिए स्थगित करना चाहिए।

व्यापारियों की समस्याओं पर करेंगे मंथन

संगठन की मजबूती के लिए रोहतक शहर के विभिन्न बाजारों व प्रदेश स्तर पर चाय पर चर्चा के दौरान व्यापारियों की समस्याओं पर मंथन की शुरुआत की गई। इसके लिए नई फल एवं सब्जी मंडी में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग ने कहा कि राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन की ओर से हर महीने शहर में हर मार्केट में शहरी अध्यक्ष सुमित सोनी की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

इसी तर्ज पर प्रदेश स्तर पर भी हर जिले में सिलसिलेवार हर महीने कार्यक्रम जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में व्यापारियों की समस्याओं पर निरंतर मंथन किया जाएगा। अब रविवार को जींद जिला में बैठक की जाएगी। किसान आंदोलन के बारे में कहा कि सरकार को अपना हठ धर्म छोड़ कर राज धर्म अपनाना चाहिए।

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