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  • Travelers Will Spend The Night Under The Sky, The Municipal Corporation Has Not Yet Been Able To Make Alternative Arrangements For The 200 bed Night Shelter That Was Destroyed In The Fire Four Months Ago.

स्टेशन व बस स्टैंड पर रैन बसेरा नहीं:आसमान के नीचे रात गुजारेंगे यात्री, चार महीने पहले आग में खाक हुए 200 बेड के रैन बसेरे का अभी तक नगर निगम नहीं कर पाया वैकल्पिक इंतजाम

रोहतकएक महीने पहले
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इस सर्दी में नगर निगम अभी तक रैन बसेरे का इंतजाम नहीं कर सका है। एेसे में यात्रियों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ेगी। भिवानी रोड पर पालिका काॅलोनी स्थित 200 बेड का रैन बसेरा आग में खाक होने के 4 महीने बाद भी नगर निगम वैकल्पिक इंतजाम नहीं कर पाया है, जबकि सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही ठंड में इजाफा होने लगा है। फिलहाल, रेलवे स्टेशन और नए बस स्टैंड सहित सार्वजनिक स्थानों पर भी रैन बसेरा का कोई प्रबंध नहीं है।

केंद्र सरकार की आर्थिक मदद से नगर निगम ने पालिका कॉलोनी में रैन बसेरा बनवाया था। दो मंजिला इस रैन बसेरे में सौ पुरुष व इतनी ही संख्या में महिलाओं को ठहरने के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था थी, लेकिन 17 जुलाई को यहां आग लगने से सब कुछ खाक हो गया। तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा ने इस मामले की जांच के लिए निगम अधिकारियों की कमेटी बनाकर जांच रिपोर्ट मांगी थी। फिलहाल, केंद्र को भेजी गई रिपोर्ट के बाद रैन बसेरा का निर्माण कराने वाली कंपनी के इंजीनियरों की टीम अगले सप्ताह तक रोहतक आकर मौका देखेगी।

संभव है कि खाक हो चुके स्ट्रक्चर का ही रिपेयर कर उस पर दोबारा रैन बसेरा बनाया जाए। नगर निगम के जेडटीओ एवं सीपीओ जगदीश चंद्र शर्मा ने बताया कि केंद्र के संबंधित शीर्ष अधिकारियों से बातचीत हुई है। कंस्ट्रक्शन कंपनी की टीम आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। वैसे दो पोटा केबिन जनसेवा संस्थान को संचालन के लिए दिए गए हैं।

पुराने बस स्टैंड परिसर में रखे पोटा केबिन, सफाई कराई

जनसेवा संस्थान के संस्थापक महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. परमानंद ने बताया कि पुराने बस स्टैंड परिसर में रखे गए दोनों पोटा केबिन की साफ सफाई करवाकर वहां पर ठंड से बचाव के लिए जरूरी कंबल, गद्दे, तकिया व अन्य सामानों का प्रबंध कर लिया है। यहां शौचालय, पीने के पानी और लाइट के अलावा रैन बसेरे में ठहरने वालों के लिए भोजन का भी इंतजाम रहेगा। अभी हर दिन जनसेवा संस्थान की ओर से पुराने बस स्टैंड परिसर में पोटा केबिन के सामने दोपहर साढ़े 12 बजे से डेढ़ बजे दिन तक भोजन की निशुल्क व्यवस्था कराई जा रही है। एक सप्ताह के अंदर पोटा केबिन में रैन बसेरा शुरू कर दिया जाएगा।

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