• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Rohtak
  • Two Life Saving Drugs Out Of Stock, Covaxine, Only Second Dose Is Being Given, Covaxine Only, Second Dose Is Available Only

54 नए केस, होम आइसोलेशन में 500 के पार मरीज:दो जीवन रक्षक दवाएं आउट ऑफ स्टॉक, कोवैक्सीन केवल दूसरी डोज लगवाने वालों को ही मिल रही

रोहतक7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पीजीआई में लगा नोटिस। - Dainik Bhaskar
पीजीआई में लगा नोटिस।
  • रेमडेसिविर- पीजीआई में रिजर्व में मात्र 4 दिन के लिए ही है दवा
  • एक मरीज की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में कोरोना से जान जाने की पुष्टि, जिले में अब मौतों का आंकड़ा 166 जा पहुंचा
  • कोविड के नोडल अिधकारी बोेले- 3 दिन में मिल सकती है 1 हजार रेमडेसिविर की खेप, सिविल सर्जन ने कहा-दोनों वैक्सीन की डिमांड भेज दी है

कोरोना से सीधे जंग लड़ रहे जिले के लिए दो बड़ी खबरें हैं। दोनों मुश्किल में डालने वाली हैं। पहली रविवार को जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में 54 नए केस की पुष्टि हुई है। इनमें 10 स्टूडेंट्स, तीन टीचर समेत डॉक्टर व स्टाफ नर्स शामिल हैं। रविवार को ही एक मरीज की मौत कोरोना से होने की पुष्टि उनके डेथ ऑडिट में सामने आई है।

बड़ा बाजार निवासी इस महिला की 9 अप्रैल को पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। ऐसे में अब जिले में कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 166 हो गया है। दूसरी मुश्किल में डालने वाली खबर ये है कि इस समय जिले में कोरोना से सीधे मुकाबले में कारगर दो जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक आउट ऑफ हो गया है।

इनमें को वैक्सीन और रेमडेसिविर इंजेक्शन शामिल हैं। पीजीआई में बकायदा को वैक्सीन स्टॉक उपलब्ध न होने के बारे में नोटिस चिपका दिया गया है। वहीं कोविड मरीजों के इलाज के लिए अधिकृत दो बड़े अस्पतालों के पास ही रेमडेसिविर इंजेक्शन का स्टॉक बचा है।

शहर के करीबन हर मेडिकल स्टोर पर इन इंजेक्शन का स्टॉक खत्म है। जबकि हालात ऐसे हैं कि जिले में मिल रहे कोरोना के सीवियर कैटेगरी के 60 फीसदी मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है। देश में छह दवा कंपनियां ही रेमडेसिविर बना रही हैं। वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि दाेनों वैक्सीन के लिए उन्होंने मुख्यालय में डिमांड भेज दी हैं।

10 स्टूडेंट्स, तीन टीचर समेत डॉक्टर, स्टाफ नर्स मिले संक्रमित, आज कई सेंटर पर मनाया जाएगा टीका उत्सव

14 तक कोविशील्ड की डोज लगेगी

सिविल सर्जन कार्यालय के पास काेराेना टीकाकरण में लगाए जा रहे को-वैक्सीन की डाेज सीमित हैं। जिला टीकाकरण टीम के अधिकारी का तर्क है कि राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि टीकाकरण प्रोग्राम में फिलहाल को-वैक्सीन पहली डोज लगवाने वाले लोगों को न दी जाए। अब ऐसे में 11 से 14 अप्रैल तक चलने वाला टीका उत्सव सिर्फ कोविशील्ड के भरोसे मनाया जाएगा।

रेमडेसिविर एंटी वायरल ड्रग, पहले हफ्ते में लगना जरूरी

पीजीआई के मेडिसिल विभाग के अनुसार हाल के दिनों में सीवियर कैटेगरी में शामिल करीब 140 मरीजाें को रेमडेसिविर की डोज लगा चुके हैं। अभी औसतन 50 इंजेक्शन की डोज रिजर्व है। ये लंग्स इंफेक्शन होने के पहले सप्ताह में लगना जरूरी होता है। चूंकि पहले सप्ताह में वायरस वायरीनिया फेस में होता है और मल्टीप्लाई होता है। पहले दिन इसके दो डोज दिए जाते हैं। फिर हर दिन एक-एक डोज पांच दिन तक मरीज को दी जाती है।

भास्कर पड़ताल : 3 दिन से मार्केट में रेमडेसिविर नहीं

रेमडेसिविर इंजेक्शन की मार्केट से आउट ऑफ स्टॉक होने की पड़ताल करने के लिए भास्कर टीम ने शहर के छोटूराम चौक मेडिसिन मार्केट, मेडिकल मोड़ पर संचालित 8 फार्मा शॉप और दिल्ली रोड और खेड़ी साध रोड स्थित दो बड़े अस्पताल तक पहुंची। संचालकों से रेमडेसिविर की मांग की गई। तो उन्होंने दो टूक शब्दों में आउट ऑफ स्टाक होने की बात कही। दवा कारोबारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से मार्केट में रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। प्राइवेट अस्पताल के फार्मासिस्ट ने स्टॉक रिजर्व होने की बात कही।

रेमडेसिविर का स्टॉक रिजर्व है और 1000 रेमडेसिविर की डिमांड भेजी है। तीन दिन में खेप उपलब्ध हो जाएगी। -डॉ. वीके कत्याल, काेविड 19 के नोडल अधिकारी व हेड, मेडिसिन विभाग, पीजीआई।

1500 को-वैक्सीन की डोज और रेमडेसिविर के एक हजार इंजेक्शन की डिमांड उच्चाधिकारियों को भेज दी है। खेप सोमवार सुबह तक पहुंच जाएगी।
-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन

शहर में तीन दिन पहले रेमडिसिविर इंजेक्शन का स्टॉक खत्म हो चुका है। अब दिल्ली से भी नहीं मिल पा रहा है।
-सतीश कत्याल, प्रधान, जिला केमिस्ट एसेसिएशन

खबरें और भी हैं...