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  • Two year Broken Record Of Pollution, Increased Irritation In Eyes And Sore Throat; 30% Of Patients Have Trouble Breathing

जहरीली हवा:प्रदूषण का दो साल का टूटा रिकॉर्ड, आंखों में जलन व गले में खराश बढ़ी; 30% मरीजों को सांस लेने में हो रही परेशानी

रोहतकएक महीने पहले
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स्मॉग के साये में शहर, धूप को तरसे शहरवासी, भिवानी राेड - Dainik Bhaskar
स्मॉग के साये में शहर, धूप को तरसे शहरवासी, भिवानी राेड
  • सांसों पर संकट... प्रदेश का सबसे प्रदूषित चौथा शहर रोहतक, एक्यूआई 449
  • दमघोंटू हुई शहर की हवा, पराली व कूड़े की आग के अलावा आतिशबाजी से बढ़ा प्रदूषण का स्तर

दीपावली की सुबह का आगाज ही स्माॅग के साथ हुआ। बादलों के छाने व कम रफ्तार हवा के चलते एक्यूआई ने भी सांसों का संकट बढ़ा दिया है। पीएम 2.5 का स्तर जिले में पिछले दाे साल में मनी दीपावली के रिकाॅर्ड को भी तोड़ गया है। गुरुवार को दीपावली की रात 12 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 434 एमजी तक पहुंच गया।

वहीं वर्ष 2020 में दीपावली के दिन एक्यूआई 422 एमजी व वर्ष 2019 में एक्यूआई 329 एमजी दर्ज हुआ था। इससे साफ है कि पिछले दो साल में भी एक्यूआई का स्तर दीपावली के दिन इस तरह से नहीं बढ़ा।शुक्रवार को एक्यूआई का औसत आंकड़ा 437 एमजी तक दर्ज किया गया। हालांकि सुबह के समय यह भी रिकॉर्ड तोड़कर 449 तक चला गया था।

गंभीर बीमारियां दे सकता है प्रदूषण: डॉ. अंकित

रेस्पिरेटरी मेडिसन डॉ. अंकित खुराना बताते हैं कि प्रदूषण के चलते पर्टिकुलेट मैटर सांस के जरिए शरीर में जा रहे हैं। इसके कारण सांस के रोगियाें की तकलीफ भी बढ़ गई है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से मरीजों की संख्या भी 30 फीसदी तक बढ़ गई है। कार्बन सांस के साथ गले व फेफड़े में जम जाता है, जाेकि ठीक नहीं है। इससे ब्रेन स्ट्राॅक और कार्डिएक अरेस्ट की भी समस्याएं बढ़ रही हैं।

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