कोरोना इफेक्ट का असर:सब्जी और फल की 10 गुना बढ़ी डिमांड, आढ़ती 1500 क्विंटल की जगह 700 क्विंटल ही मंगवा रहे माल

रोहतक6 महीने पहले
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  • फुटकर विक्रेताओं के मंडी परिसर में फड़ लगाने पर लगी रोक व दिल्ली सब्जी मंडी से आवक कम होने का भी दिख रहा असर

कोरोना इफेक्ट के चलते सब्जी और फल की डिमांड 10 गुना तक बढ़ गई है। जबकि आढ़ती 1500 क्विंटल की जगह मात्र 700 क्विंटल ही माल प्रतिदिन मंगवा रहे हैं। इसकी वजह सरकार द्वारा फुटकर विक्रेताओं के कारोबार पर रोक लगाने को बताया जा रहा है। साथ ही दिल्ली की सब्जी मंडी से भी एक तिहाई मात्रा में ही सब्जी व फल की आवक है। इसके चलते भी समस्या बनी हुई है।

फल व सब्जी खराब होने के डर से आढ़ती बहुत कम माल मंगा रहे है

इन दिनों सब्जी मंडी में यूपी का आलू, राजस्थान व नासिक की प्याज, खरखौदा आदि लोकल इलाके की भिंडी, यूपी का खीरा ककड़ी और रोहतक के आसपास एरिया की पत्तेदार सब्जियां आ रही हैं। इसी क्रम में फलों में न्यूजीलैंड की कीवी, नासिक का अनार, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र का पपीता, बंगलुरू का नारियल और नागपुर से संतरा की खेप आ रही है। चीकू भी महाराष्ट्र से ही आ रहा है। लेकिन कोरोना महामारी के चलते व्यवधान बना हुआ है। कहीं मंडियां बंद है तो हीं ट्रांसपोर्ट की दिक्कत है।

ऊपर से मासाखोरों की फड़ लगाने पर सरकार की ओर से पाबंदी किए जाने से हालात और बिगड़ गए हैं। फल व सब्जी खराब होने के डर से आढ़ती बहुत कम मात्रा में माल मंगाते हैं। इस वजह से फल व सब्जी का भाव तेज बना हुआ है। सब्जियों के रेट में 15 से 35% तक की बढ़ोतरी है।

फलों में सबसे ज्यादा असर कीवी, अंगूर पपीता, नारियल, संतरा, मौसमी, चीकू पर देखने को मिल रहा है। कोरोना महामारी में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के नाम पर भी लोग उपभोक्ताओं के बीच इन फलों की डिमांड ज्यादा है।

खराब होने के डर से आधी से भी कम मात्रा में आढ़ती मंगा रहे सब्जी व फल

रिटेलर के ऊपर सब्जी मंडी में फड़ लगाने पर पाबंदी किए जाने से आढ़ती कम मात्रा में फल व सब्जी मंगा रहे हैं। -सोनू छाबड़ा, प्रधान सब्जी मंडी एसोसिएशन रोहतक।

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