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भंवर में फंसी शहर की पेयजल सप्लाई:नहरबंदी से पहले फुल नहीं किए जलघर के टैंक, पुराने शहर समेत नई कॉलोनियों में अब जलसंकट

राेहतक2 महीने पहले
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तस्वीर मानसरोवर पार्क के पास स्थित जलघर की है। 13 फीट लेवल के टैंक में 5 फीट तक ही पानी बचा है। - Dainik Bhaskar
तस्वीर मानसरोवर पार्क के पास स्थित जलघर की है। 13 फीट लेवल के टैंक में 5 फीट तक ही पानी बचा है।

इस बार की नहरबंदी पुराने शहर के निवासियों सहित करीब 1 लाख आबादी की मुश्किलें बढ़ाने वाली है। क्योंकि सोनीपत रोड पर मानसरोवर पार्क के सामने स्थित प्रथम जलघर के तीनों टैंक समय से नहीं भरे गए। वर्तमान में यहां के दो टैंक का जलस्तर मात्र 5 फीट और तीसरे टैंक का 10 फीट है।

लिहाजा इस जलघर से जुड़े एरिया में दो दिन से पेयजल कटौती चल रही है। ऊंचाई वाले मोहल्लों व कॉलोनियों के लगभग 27 प्रतिशत घरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जबकि पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 24 घंटे में एक समय लेकिन निर्धारित 1 घंटे के साथ 10 मिनट बढ़ाकर पानी की सप्लाई जलघर से छोड़ी जा रही है।

अव्यवस्था...सप्लाई का आधा समय तो खाली पाइप लाइन भरने में ही बीत गया

सोमवार को 15 से 28 मिनट ही पानी आया। इसका कारण चारों पानी के बूस्टरों से मोहल्लों को आपूर्ति करने वाली पाइप लाइनों का खाली होना भी रहा। क्योंकि एक टाइम सप्लाई के चलते लोगों ने पानी के लिए मोटरें चला दी। इससे पाइप का पानी खत्म हो गया। सोमवार को जब सप्लाई आई तो एक तिहाई से ज्यादा समय पाइपों को भरने में खप गया। ऊपर से गलियों में शुरुआती घरों में मोटरंे चलते रहने से गली के आखिर में स्थित घरों को पानी मिला ही नहीं। वहीं कई इलाकों में लो प्रेशर की वजह से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाई।

बड़ा सवाल: टैंक भरने के क्यों नहीं हुए जतन: नहरबंदी का शेड्यूल पता होने के बावजूद पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों द्वारा जलघर के टैंकों को भरने का प्रबंध क्यों नहीं किया गया। जबकि हर महीने आने वाली नहरबंदी के ठीक पहले कन्हेली हेड पर फाटक गिराकर नहरी पानी को रोक लिया जाता रहा है। इससे जलघर के टैंकों को दो से तीन दिन तक अतिरिक्त नहरी पानी मिल जाता था। लेकिन इस बार नहर जाते ही जल संकट शुरू हो गया।

4 दिन पहले नहर बंद होने से आई दिक्कत
भालौठ सब ब्रांच नहर 4 दिन पहले ही बंद हो चुकी है। इससे प्रथम जलघर के टैंकों को नहरी पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसको देखते हुए आपूर्ति में कटौती करनी पड़ रही है। क्योंकि टैंकों की क्षमता 8 दिन का ही पानी स्टोर करने की है। जबकि 6 दिसंबर तक पानी का प्रबंध करना है।-अनिल रोहिल्ला, एसडीओ पब्लिक हेल्थ विभाग।​​​​​​​

तय शेड्यूल तक आया पानी
भालौठ सब ब्रांच नहर तय शेड्यूल पर 27 नवंबर तक चलाई गई है। रविवार को भी इस नहर में 150 क्यूसिक पानी चल रहा था। -रामनिवास, एक्सईएन भालौठ सब ब्रांच।​​​​​​​

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