पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सुविधा:प्रति मिनट 2833 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन पर काम शुरू

रोहतकएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बैठक करते पीजीआई के चिकित्सक अधिकारी व सिविल सोसायटी के पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
बैठक करते पीजीआई के चिकित्सक अधिकारी व सिविल सोसायटी के पदाधिकारी।
  • सिविल सोसायटी, जिला प्रशासन व पीजीआई कोआर्डिनेशन कमेटी की समन्वय बैठक आयाेजित

सिविल सोसायटी, जिला प्रशासन एवं पीजीआईएमएस कोआर्डिनेशन कमेटी की समन्वय बैठक कुलपति कार्यालय में शनिवार को हुई। इसमें तय किया कि पीजीआई में बच्चों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन बेड, आईसीयू, वेंटिलेटर, नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू), बच्चों के मेडिकल उपकरण व नवजात बच्चों के लिए एंबुलेंस पर जोर दिया गया। कुलपति डॉ. ओपी कालड़ा ने कहा कि कि पीजीआई में 3 ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट्स लगाने का काम शुरू हो चुका है।

833 लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट 15 जून तक, दूसरा 1000 लीटर प्रति मिनट का प्लांट 30 जून तक औरतीसरा 1000 लीटर प्रति मिनट का क्षमता का ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट 15 जुलाई 2021 तक पूरा हो जाएगा। भविष्य में संस्थान की प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता 2833 लीटर प्रति मिनट हो जाएगी। साथ ही 400 सिलेंडर क्षमता के बॉटलिंग प्लांट और सेंटर ऑक्सीजन लाइन के लिए भी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि संभावित बाल संक्रमितों के लिए 25 एनआईसीयू, 100 आईसीयू बेड के अलावा 450 ऑक्सीजन बेड तथा 100 नॉन ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए है। इसी के साथ नवजात बच्चों की 5 एंबुलेंस, इन्क्यूबेटर व अन्य बच्चों के आवश्यक मेडिकल उपकरणों को निश्चित समय सीमा पर उपलब्ध कराने को कहा।

बच्चाें की प्रतिरोधक क्षमता बड़ों से ज्यादा

बालरोग विभाग की एचओडी डॉ. गीता गठवाल ने बताया कि हालांकि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बड़ों से ज्यादा होती है। उनमें संक्रमण का खतरा कम है। नवजात शिशु विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत दलाल ने बताया कि दूसरी लहर में कुल 242 संक्रमित प्रसुताओं में से 8 बच्चों में कोरोना का संक्रमण देखा गया। अतः नवजात शिशुओं के लिए भी भविष्य की तैयारी करनी होगी।

बैठक में पीजीआई के निदेशक डॉ. रोहतास यादव, डॉ. एसएस लोहचब, डॉ. विवेक मलिक तथा डॉ. रमन वधवा ने भी विचार रखे। संचालन सोसायटी संयोजक मंजुल पालीवाल ने किया। बैठक में सोसायटी के संरक्षक राजेश जैन व कंट्रोल रूम नोडल अधिकारी जयप्रकाश कौशिक उपस्थित रहे।

674 ऑक्सीजन सिलेंडर की होम डिलीवरी

डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा है कि जिले में अभी तक 674 जरूरतमंद मरीजों काे ऑक्सीजन सिलेंडरों की होम डिलीवरी की गई है। जिले में 29 जरूरतमंद लोगों को घर पर ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाए गए। ऑक्सीजन सिलेंडरों की होम डिलिवरी जिला रेडक्राॅस सोसायटी और विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से की जा रही है।

खबरें और भी हैं...