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विदाई की ओर मॉनसून:256 दिन में 628.46 एमएम बरसा पानी, 54 दिन में ही हुई सामान्य से 78 एमएम ज्यादा बारिश

रेवाड़ी6 दिन पहले
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  • सितंबर के 14 दिन में 99.66 एमएम बारिश इस बार जुलाई माह में गिरा था रिकॉर्ड पानी

​​​​मॉनसून 21 सितंबर तक सक्रिय बताया जा रहा है, लेकिन पिछले दिनों हुई बरसात से बाजरा व कपास की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जुलाई में बाजरे के छोटे पौधों को और अब कटाई की गई फसल पानी में डूबने से खराब हो गई। सितंबर के 14 दिन में ही 99.66 एएम बारिश हो चुकी है। जबकि अभी और भी बरसात हो सकती है। अब जो 21 सितंबर तक बरसात होगी, वह माॅनसून की विदाई की ही रहेगी।

हांलाकि अगस्त माह में बरसात की बात करें तो 12 दिन बादल बरसे और इस दौरान 61.71 एमएम बरसात दर्ज की गई। जबकि इस बार जुलाई के माह में इतना पानी पड़ा कि पिछले 16 साल के रिकॉर्ड टूट गए थे। जिले में जनवरी से लेकर सितंबर तक 256 दिन में 628.46 एमएम बरसात हो चुकी है। यानी यह बरसात मात्र 54 दिन हुई है।

इस दौरान सामान्य से 78.46 प्रतिशत ज्यादा बरसात हो गई है। फिलहाल हुई इस बरसात से मौसम में बदलाव हुआ है और रात को ठंडक होने लगी है। जिससे दिन का तापमान 34.0 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री दर्ज हुआ है। मंगलवार को दिन में मौसम भी कुछ साफ रहा, लेकिन दिन में बादल तो छाए रहे, मगर बरसात नहीं हुई।

औसत से ज्यादा बरसात, मगर फसलों के लिए नुकसानदायक

कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि इस बार बरसात अब तक अच्छी रही है। मगर यह बरसात शुरूआत में जून के माह में बाजरे की बिजाई के बाद छोटी पौध बनने के समय आई तब भी खेत जलमग्न होने से नुकसान हुआ था। अब कटाई का समय चल रहा है और खेत जलमग्न रहने से फिर नुकसान हुआ है। यानी बरसात समय पर कम हुई। हांलाकि अागामी रबी की फसल के लिए यह लाभदायक है।

अभी 21 तक सक्रिय रह सकता है मॉनसून

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब फिर से मौसम में परिवर्तन हो सकता है। इस दौरान क्षेत्र में 17 से 21 सितंबर के बीच-बीच में बादलवाई, गरज-चमक व हवाओं के साथ बारिश संभावित है। सितंबर के माह में वैसे कम बरसात होती है। वर्ष 2020 के सितंबर माह में 27.0 एमएम बरसात हुई थी। मगर इस वर्ष 14 दिन में ही 99.66 एमएम बरसात हो चुकी है, जबकि अभी और भी बरसात हो सकती है।

सालाना 550 एमएम तक सामान्य बरसात

उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. दीपक यादव का कहना है कि सालाना 550 एमएम तक सामान्य बरसात मानी जाती है। इस बार अब तक 628.46 मिलीमीटर बरसात हो चुकी है। ऐसे में अब यह सामान्य से ज्यादा है। अभी कुछ दिन और हो सकती है। हांलाकि अब मॉनसून विदाई की ओर है, लेकिन फिर भी बरसात हो सकती है। इस बरसात से फसलों में हुए नुकसान को लेकर सर्वे चल रहा है। इसके बाद ही पता लग सकता है कि कितना नुकसान हुआ है। हांलाकि यह बरसात रबी फसल के लिए लाभदायक है।

भारी बरसात में बाजरे की फसल हुई बर्बाद

खोल ब्लॉक के विभिन्न गांवों में भारी बरसात होने के कारण बाजरे की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। खेतों में पानी भरने से कई किसानों की फसल में नुकसान हुआ है। गांव टींट, गोविंदपुरी, बवाना गुर्जर, मामड़िया ठेठर, मामड़िया अहीर और आसमपुर में फसल पूरी तरह खराब हो गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से नष्ट फसल का जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।

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