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स्वस्थ रहे रेवाड़ी:85 दिन बाद कोविड के सभी बेड खाली, अब एक भी संक्रमित भर्ती नहीं, दो दाखिल थे उन्हें भी छुट्‌टी मिली

रेवाड़ी20 दिन पहले
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विराट अस्पताल का वार्ड अब खाली, इसमें कोरोना के मरीज भर्ती थे। - Dainik Bhaskar
विराट अस्पताल का वार्ड अब खाली, इसमें कोरोना के मरीज भर्ती थे।
  • कोरोना की बजाय अस्पतालों में अब सामान्य मरीज भर्ती
  • कोरोना के 36 सक्रिय केस, मगर सभी होम आइसोलेट किए, हालत खतरे से बाहर
  • मास्क और 2 गज दूरी को भूल रहे लोग, ये लापरवाही जिले के लिए खतरे की घंटी

जिले के कोविड अस्पतालों से सुखद खबर आई है। अब किसी भी अस्पताल में कोरोना का कोई मरीज भर्ती नहीं है। 85 दिन बाद यह राहतभरा दिन आया। मंगलवार तक अस्पताल में 2 कोविड संक्रमित दाखिल थे, अब उन्हें भी छुट्‌टी मिल चुकी है। अब सभी अस्पतालों में सामान्य मरीज भर्ती हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिला में बुधवार को 6 नए केस आए। इससे सक्रिय मरीजों की संख्या 36 हो गई। ये सभी मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं। सुखद अहसास के बीच चिंता की बात ये है कि तीसरी लहर के अलर्ट के बावजूद लोग पूरी तरह बेपरवाह हेाते नजर आ रहे हैं। मास्क और 2 गज की दूरी के नियम की पूरी तरह पालना नहीं हो रही। ये रेवाड़ी के स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी हो सकती है।

अप्रैल मध्य में बढ़नी शुरू हुई थी मरीजों की भीड़

चालू वर्ष 2021 की शुरूआत में यह वायरस धीमा पड़ा। इसके बाद दो बार तो ऐसा हुआ, जब जिले में शून्य केस हो गए थे। विभाग के हेल्थ बुलेटिन रिकॉर्ड के अनुसार 13 अप्रैल को जिले में 203 नए पॉजिटिव मिले थे जेा कि एक्टिव केस थे, लेकिन सभी मरीज होम आइसोलेट थे तथा कोई अस्पताल में भर्ती नहीं था।

14 अप्रैल को 208 सक्रिय केस थे, जिनमें से 26 मरीजों को अस्पताल में दाखिल कराया। इसके बाद अस्पताल में भर्ती होने की जैसे होड़ लगनी शुरू हो गई। कोरोना ने कई जिंदगियां छीनी। मई में तो संक्रमण चरम पर था।

17 मई को ऐसा भी समय आया जब 544 मरीज विभिन्न अस्पतालों में दाखिल थे। लोगों को मंत्रियों की सिफारिशों से भी बेड नहीं मिल रहे थे। 13 अप्रैल के बाद अब 7 जुलाई को ही ऐसा हुआ है कि अस्पताल में कोई कोविड मरीज भर्ती नहीं है।

आंकड़ों पर नजर

  • रिकवरी रेट - 98.57% जिले में कुल 20216 मरीज मिले हैं, इनमें 19926 लोग ठीक हो गए।
  • पॉजिटिविटी रेट - 6.23% अभी तक कुल 324230 सैंपल लिए हैं, जिनमें से 20216 की रिपोर्ट पॉजिटिव रही।
  • मृत्युदर - 1.26% कुल 20216 लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें 254 की जान गई।

अनलॉक को लापरवाही की परमिशन न समझें

डॉक्टरों ने चेताया है कि सरकार द्वारा लॉकडाउन के बाद किए जा रहे अनलॉक का ये अर्थ नहीं है कि कोरोना पूरी तरह चला गया। कामकाज और जन-जीवन को सुचारू रखने के लिए छूट दी जा रही है। मास्क और सामाजिक दूरी की शर्त अनिवार्य रूप से लागू है।

आईसीयू चलाने के लिए स्टाफ को ट्रेंड रखें, निजी अस्पताल लगवाएं ऑक्सीजन प्लांट

तीसरी लहर के खतरों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मेाड पर आ गया है। स्वास्थ्य मंत्री से वीसी के अलगे ही दिन बुधवार को डीसी यशेंद्र सिंह ने आईएमए के पदाधिकारियों व स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की। डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचाव के लिए हमें सावधानियां बरतने की जरूरत है।

दूसरी लहर से सीख लेते हुए हमें प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां करनी होगी। कोरोना के व्यवहार में हमें कुछ बदलाव करने की जरूरत है। अस्पतालों में मशीनरी को ठीक रखें। सीएमओ व पीएमओ को निर्देश दिए कि वेंटिलेटर चलाने के लिए स्टाफ को ट्रेंड रखें।

इस मौके पर सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. विजय प्रकाश, डॉ. दीपक, आईएमए प्रधान डॉ. पवन गोयल, डॉ. शिवरत्न यादव, डॉ. उत्कर्ष, डॉ. नरेंद्र यादव, डॉ. विवेक जैन, डॉ. विराट यादव सहित शहर के अन्य डॉक्टर भी मौजूद रहे।

निजी अस्पतालों के लिए जरूरी निर्देश

1. 50 बेड के अस्पताल जल्द से जल्द ऑक्सीजन प्लांट जरूर लगाएं। 2. अस्पताल का आईसीयू का स्टाफ ट्रेंड नहीं है तो उसे ट्रेंड करें। 3. सभी अस्पताल सरकार द्वारा तय किए गये रेट ही लें। 4. अस्पताल में जिसको जरूरत हो, उन्हें ही दाखिल करें। 5. 30 बेड वाले हॉस्पिटल दो या तीन मिलकर अपना ऑक्सीजन प्लांट लगा सकते हैं। बैठक के दौरान डीसी यशेंद्र सिंह ने अस्पताल संचालकों को ये सुझाव दिया।

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