विचार गोष्ठी:पंजाब से बंगाल तक 22 युद्धों को जीत कर हेमचंद्र विक्रमादित्य ने दिल्ली में कराया था राज्याभिषेक

रेवाड़ी20 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
अंतिम हिंदू सम्राट के राज्याभिषेक दिवस पर बताया उनका इतिहास। - Dainik Bhaskar
अंतिम हिंदू सम्राट के राज्याभिषेक दिवस पर बताया उनका इतिहास।

सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य का राज्याभिषेक दिवस गुरुवार को कुतबपुर स्थित भृगु आशीष भवन में मनाया गया। हेमचंद्र विक्रमादित्य ने मध्य काल के 1556 में लगातार पंजाब से बंगाल तक 22 युद्ध जीत कर दिल्ली के पुराना किला में एक विक्रमादित्य राजा के रूप में इसी दिन (7 अक्टूबर को) राज्याभिषेक करवाया था।

पृथ्वीराज चौहान के शासन के 450 साल बाद कोई हिन्दू दिल्ली की गद्दी पर बैठ सका था। आयोजक हेम चंद्र विक्रमादित्य फाउंडेशन के संयोजक सुधीर भार्गव ने बताया कि उनकी फाउंडेशन सन 2006 से लगातार ‘हेमचंद्र विक्रमादित्य’ के राज्याभिषेक दिवस पर सेमिनार कर विभिन्न इतिहासकारों के शोध को संकलित करती रही है, जिससे उस भूले हुए रेवाड़ी के योद्धा को इतिहास में उपयुक्त स्थान मिल सके।

मुख्य वक्ता रेवाड़ी की ही बेटी दुर्गा वाहिनी की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. इंदु राव ने कई वर्षों में अपने द्वारा विभिन्न स्थानों से एकत्रित शोध की गई जानकारी साझा की। उन्होंने वृन्दावन व हेमचंद्र के जन्म स्थान मछेरी कस्बे में रहने वाले उनके परिवार के बारे में जानकारियां दी।

सभा की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में सलाहकार डॉ. रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि अब यूनिवर्सिटी व सरकारी विभागों में नौकरी के टेस्ट में हेमचंद्र पर सवाल पूछे जाने लगे हैं, जिससे उनके बारे रूचि बढ़ रही है। हेमचंद्र अपने समय में पूरे देश में जाने जाते थे। कन्नड़, तेलगु व भोजपुरी भाषा में भी उनकी प्रशंसा के गीत मिलते हैं।

मुख्य अतिथि विश्व हिन्दू परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री (इंद्रप्रस्थ) मुकेश खांडेकर ने हेम चंद्र विक्रमादित्य जैसे योद्धाओं की आज के समय में प्रसंगता का उल्लेख किया। उनके अनुसार आज भी मध्य काल की सोच वाले लोग हमारे धर्म व देश के लिए खतरा बने हुए हैं।

गेाष्ठी में प्रो. महाबीर यादव, सिंघानिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उमा शंकर यादव, रेजांगला समिति से अधिवक्ता नरेश चौहान, आईजीयू से डॉ. सुभाष शर्मा, हेम चंद्र के जन्म स्थान मछेरी से गोपाल नरुका, श्रीनिवास शास्त्री, विहिप से डॉ. लक्ष्मी नारायण शर्मा ने विचार रखे।

इस मौके पर विहिप जिला अध्यक्ष राधे श्याम मित्तल, पार्षद प्रदीप भार्गव, डॉ. तृप्ति भार्गव, डॉ. लक्ष्मी नारायण कौशिक, सुनील भार्गव अधिवक्ता, राम औतार सिंह लाम्बा, रजनी भार्गव, रेखा भार्गव, संजय गुप्ता, प्रो. एससी शर्मा, नरेंद्र जोशी, मछेरी के महाबीर शर्मा, विहिप के प्रदेश अध्यक्ष रोहतक से डॉ. प्रेम शंकर, सुखदेव चरण, शिव शंकर, महेश कुमार, डॉ. कंवर सिंह यादव, रविंद्र कुमार अधिवक्ता आदि मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...