शारीरिक दमखम की परीक्षा:2 वर्ष से नहीं निकली आर्मी भर्ती, पाबंदियां हटने पर युवा परख रहे खुद का दमखम

रेवाड़ी8 महीने पहले
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राव तुलाराम स्टेडियम में दौड़ लगाते हुए। - Dainik Bhaskar
राव तुलाराम स्टेडियम में दौड़ लगाते हुए।
  • सुबह-शाम रोज लगा रहे 2 हजार मीटर दौड़

कोरोनाकाल में दो साल से सेना भर्ती नहीं निकली है। ऐसे में युवाओं में निराशा थी, लेकिन अब कोरोना की पाबंदियां हटी तो युवा भी इस उम्मीद में है कि अब सेना भर्ती निकलेगी इसलिए शारीरिक दमखम परखने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में सुबह-शाम के सत्र में काफी संख्या में युवाओं को दौड़ लगाते हुए देखा जा सकता है।

युवाओं का कहना है कि लंबे समय से भर्ती नहीं निकली तो अब अगले कुछ माह में निकलने की उम्मीद है। ऐसे में पहली भर्ती में ही शारीरिक टेस्ट पास हो जाए, इसलिए तैयारी में जुटे हुए हैं। स्टेडियम में अभ्यास के लिए शहर ही नहीं गांवों से भी बड़ी संख्या में युवा आ रहे हैं। अब ज्यादातर युवा सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।

400 मीटर के ट्रैक पर करते हैं अभ्यास

शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में धावकों के दौड़ने के लिए 400 मीटर का सेंडर ट्रैक बनाया हुआ है। इस ट्रैक पर ही युवा दौड़ का अभ्यास कर रहे हैं। सेना भर्ती के लिए 1600 मीटर की दौड़ लगवाते हैं। इसके लिए समय भी निर्धारित किया हुआ है। युवा भी समय निर्धारित करके ही दौड़ लगाते हैं। ताकि भर्ती के दौरान दौड़ की बाधा को आसानी से पार कर सके।

गांवों में भी सुबह के समय सड़क पर लगाते हैं युवा दौड़

जिले के कई गांवों में खेल परिसर जैसी सुविधा नहीं होने से युवा सुबह के समय सड़कों पर ही दौड़ लगाते हुए मिल जाएंगे। क्योंकि सुबह के समय गांवों की सड़क पर वाहनों का दबाव कम होता है। ऐसे में दौड़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल जाती है। युवाओं का कहना है कि दौड़ का अभ्यास नित्य प्रतिदिन किया जा रहा है।

सेना में हर 10वां जवान हरियाणा से, जिले के युवाओं का खासा रुझान

देश की सेना में हर दसवां जवान हरियाणा से है। इसलिए रेवाड़ी के युवाओं का भी सेना में जाने का खासा रुझान है। हर भर्ती में जिले से काफी संख्या में युवाओं का सलेक्शन होता है। सेना के साथ ही अर्ध सैनिक बलों के अलावा पुलिस में भी काफी युवा भर्ती होते हैं। काफी संख्या में युवा डिफेंस एकेडमियों में भी तैयारी कर रहे हैं।

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