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  • Army Subedar Major Shamsher Singh Martyred In Leh Ladakh, Jammu And Kashmir; Today The Last Rites Will Be Performed In Ratanthal, The Ancestral Village Of Rewari, Haryana.

लद्दाख में शहीद 3 बहनों का इकलौता भाई:गमगीन माहौल में हुआ शहीद शमशेर का अंतिम संस्कार; विधायक और अधिकारी हुए अंतिम यात्रा में शामिल; बेटे ने दी मुखाग्नि

रेवाड़ी4 महीने पहले
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रहने वाले सूबेदार मेजर शमशेर सिंह चौहान लद्दाख के तागसे में बंकर में हुए ब्लास्ट में शहीद हो गए। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रतनथल पहुंचा। जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों के अलावा हरियाणा पुलिस के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। इससे पहले सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने गांव पहुंचने से पहले शहीद के सम्मान में बाइक रैली निकाली। शहीद शमशेर सिंह के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। शहीद की अंतिम यात्रा में विधायक से लेकर प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी शामिल हुए।

शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धाजंलि देते डीसी।
शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धाजंलि देते डीसी।

रेवाड़ी से 10 किलो मीटर दूर गांव रतनथल निवासी शमशेर सिंह चौहान सेना की यूनिट 22 मेक में लेह लद्दाख के तागसे में तैनात थे। 2 जनवरी की रात को अचानक उनके बंकर में ब्लास्ट हो गया था और सूबेदार मेजर शमशेर सिंह चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। खुद घायल होकर शमशेर सिंह अपने साथी जवानों को बचाने में कामयाब रहे। उनको गंभीर हालत में आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका। शमशेर सिंह गुरुवार को शहीद हो गए। शमशेर सिंह के शहीद होने की सूचना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को शमशेर सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रतनथल पहुंचा। तीन बहनों के इकलौते भाई शहीद शमशेर सिंह की शहादत पर उनके गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे।

अंतिम सलामी देते हुए सेना के जवान।
अंतिम सलामी देते हुए सेना के जवान।

दोपहर के समय शहीद शमशेर सिंह का पार्थिव शरीर सेना के वाहन में उनके गांव के बस स्टैंड पर पहुंचा, जहां पहले से बाइकों पर इंतजार कर रहे सैकड़ों युवा उनकी शहादत पर नाज करते हुए जब तक सूरज, चांद रहेगा शमशेर सिंह तेरा नाम रहेगा...जैसे गगनबेदी नारों के साथ पार्थिव शरीर को लेकर रैली के जरिए उनके घर तक पहुंचे। दोपहर के समय गांव के शमशान घाट में शमशेर सिंह को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान कोसली से ‌‌विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, रेवाड़ी डीसी यशेन्द्र सिंह, कोसली एसडीएम होशियार सिंह के अलावा तमाम आला अधिकारी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और शहीद शमशेर सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान पार्थिव शरीर के साथ आई सेना की एक टुकड़ी के अलावा हरियाणा पुलिस के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। शहीद शमशेर सिंह के अंतिम दर्शन करने के लिए सुबह से ही गांव रतनथल में आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर अपने सपूत को अंतिम विदाई दी।

अंतिम संस्कार में उमड़ी लोगों की भीड़।
अंतिम संस्कार में उमड़ी लोगों की भीड़।

पिता कैप्टन से रिटायर्ड हुए
बता दें कि शहीद सूबेदार मेजर शमशेर सिंह के पिता भवानी सिंह भी सेना में कार्यरत थे और कैप्टन पद से सेवानिवृत्त है। पिता कैप्टन भवानी सिंह के अतिरिक्त परिवार में मां कमलेश देवी, पत्नी रजनी देवी, 18 वर्षीय बेटा प्रयाग, 13 वर्षीय बेटी धानिया व 12 वर्षीय बेटी फाल्गुनी है। शुक्रवार को गांव में उनका पार्थिव शरीर पहुंचेगा। ग्रामीणों ने अपने लाल शमशेर सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए खास तैयारी की हैं।