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  • As Soon As The Transition Reduced, 118 Trains Out Of 135 Ran From Rewari Junction, Now 110 Out Of 133 Roadways Buses From The Bus Stand.

चल पड़ा सफर:संक्रमण कम होते ही रेवाड़ी जंक्शन से 135 में 118 ट्रेनें चलीं, बस स्टैंड से अब 133 में से 110 रोडवेज बसें रूटों पर

रेवाड़ी7 दिन पहलेलेखक: मनीष कुमार
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रेवाड़ी में स्टेशन पर पहुंची आश्रम एक्सप्रेस में सवार होते यात्री। - Dainik Bhaskar
रेवाड़ी में स्टेशन पर पहुंची आश्रम एक्सप्रेस में सवार होते यात्री।
  • कोरोना संक्रमण केस लगभग शून्य हो जाने के साथ ही सार्वजनिक परिवहन सेवा अब लगभग पूरी तरह से पटरी पर आ गई

कोरोना संक्रमण केस लगभग शून्य हो जाने के साथ ही सार्वजनिक परिवहन सेवा अब लगभग पूरी तरह से पटरी पर आ गई है। रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक यात्रियों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है और इन सेवाओं का 80 प्रतिशत तक यात्री भार लौट आया है। फिलहाल गांवों के रूटों को छोड़कर तमाम लंबे रूटों पर यात्रियों की संख्या पहले जितनी ही हो गई है। रेवाड़ी स्टेशन से शुरू होने वाली पैसेंजर ट्रेनों में फिलहाल रोहतक की पैसेंजर को छोड़कर सभी रूटों पर संचालक प्रारंभ हो गया है।

स्टेशन से प्रतिदिन अब प्रतिदिन 118 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन चल रही है। फिलहाल दिल्ली, हिसार,जोधपुर फुलेरा रूट पर पैसेंजर चल पड़ी है। इसके अलावा दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड से राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र के चलने वाली 104 ट्रेन अब यहां से होकर गुजर रही है। फिलहाल लंबी दूरी की बात करें तो पश्चिम बंगाल, बिहार, पंजाब, यूपी और उत्तराखंड से चलने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनें अभी बंद है।

इनका संचालन होने के बाद यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़कर 135 हो जाएगी। इसी तरह रोडवेज प्रबंधन ने भी एक पखवाड़ा के दौरान ऑन रूट बसों की संख्या 80 से बढ़ाकर 110 कर दी है। रोडवेज की तरफ से सबसे अधिक बसों का संचालन लंबे रूटों पर किया जा रहा है। हालांकि गांवों के रूटों पर अभी यात्री संख्या कम है जिसकी वजह से इन रूटों पर सुबह-शाम के समय ही बस है।

बस सेवा : लंबे रूटों पर पर्याप्त बसें, गांवों के लिए यात्रियों की कमी
रेवाड़ी डिपो के पास इस समय 133 बसें हैं जिनमें 125 बसों तक का संचालन होता था। अब फिलहाल 110 बसें ही विभिन्न रूटों पर चल रही है। चंडीगढ़ के लिए कुछ टाइम छोड़कर सभी लंबे रूटों के लिए बसों का संचालन किया जा चुका है। डिपो की तरफ से कुल 72 रूटों पर इन बसों का संचालन किया जाता है जिसमें अब केवल लोकल रूटों पर यात्रियों की कमी है। ऐसे में शेष बसें यात्रियों की कमी वजह से खड़ी हुई है।

प्रबंधन की तरफ से चंडीगढ़, जयपुर, दिल्ली,कोटा, सीकर, अलवर, झुंझनूं, शिमला, जालंधर, अलीगढ़, मुरादाबाद, आगरा के लिए सर्वाधिक बसों का संचालन हो रहा है। शेष 15 बसों का संचालन लोकल रूटों पर यात्री कम होने से शुरू नहीं हो पा रहा है। लोकल रूट में झाबुआ, खालेटा, राधा की ढाणी, कुंड-महेंद्रगढ़, बेरली सहित अन्य लोकल रूटों पर बसें शुरू नहीं हुई है। वहीं खंडोड़ा, राजगढ़, टांकड़ी,प्राणपुरा के लिए जहां पहले पूरे दिन बस चक्कर लगाती थी वहां अब केवल सुबह-शाम के वक्त ही एक बस है।

रेल सेवा : लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए बढ़ने लगी यात्रियों की संख्या, पैसेंजर की महंगी टिकट
रेवाड़ी से होकर गुजरने वाली जयपुर-चंडीगढ़ इंटरसिटी, अजमेर-चंडीगढ़ गरीब रथ, अमृतसर-अजमेर, अहमदाबाद-कटरा, अजमेर-जम्मूतवी, उदयपुर-न्यूजलपाईगुड़ी, लालगढ़-हावड़ा, अजमेर-किशनगंज, बेरली-भूज, दिल्ली-ब्रांदा टर्मिनस, चंडीगढ़-ब्रांदा टर्मिनस, अजमेर-दिल्ली शताब्दी, राजकोट एक्सप्रेस, ओखा-देहरादून एक्सप्रेस, अहमदाबाद-ऋषिकेश, उदयपुर-ऋषिकेश, उदयपुर-कामख्या, जोधपुर-दिल्ली, दिल्ली-बाड़मेर इंटरसिटी, बीकानेर-दिल्ली, सीकर-दिल्ली सहित राजस्थान, महाराष्ट्र एवं गुजरात को जाने वाले अधिकतर एक्सप्रेस ट्रेन चल पड़ी है।

पैसेंजर में अभी दिल्ली के लिए 5 और ट्रेनों का संचालन शुरू होना है जबकि रोहतक की 2 ट्रेन हैं। इसके अलावा एक्सप्रेस में गुजरात से चलने वाली कई ट्रेनों का संचालन शुरू होना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पैसेंजर ट्रेन में भी एक्सप्रेस किराया लिया जा रहा है ताकि अनावश्यक यात्रा करने से लोग बचे। इसकी वजह से पैसेंजर ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या कम है जबकि एक्सप्रेस ट्रेनों में पर्याप्त यात्री है और लगभग 80 प्रतिशत तक यात्री भार लौट चुका है।

रेवाड़ी से होते हुए फिलहाल 118 ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। कुछ लंबी दूरी और पैसेंजर ट्रेनों को छोड़ दें तो लगभग सभी ट्रेन ट्रैक पर आ गई है। प्रतिदिन यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए वेटिंग भी शुरू हो गई है। पैसेंजर ट्रेन के सामान्य स्थिति में आने के बाद यात्रीभार और भी बढ़ जाएगा। -बीके नायर, जनसंपर्क निरीक्षक, जयपुर मंडल।

फिलहाल डिपो की 110 बसें ऑन रूट है। अधिकतर बसें दिल्ली-जयपुर और चंडीगढ़ जैसे रूटों पर अधिक चल रही है। फिलहाल हमारे पास 133 बसें हैं लेकिन गांवों और लोकल रूटों पर यात्री अभी कम है इसलिए कुछ गांवों के रूटों पर बसों का नहीं चलाया है। लंबे रूटों पर 30 रुपए प्रति किमी तक का राजस्व मिल रहा है जो कि बेहतर है। -कर्णसिंह, डीआई, रोडवेज।

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