जागरुकता अभियान:ठगी से बचें, ई-मेल के जरिए किसी से जानकारी साझा न करें

रेवाड़ी2 महीने पहले
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पत्रकार वार्ता में जानकारी देते  डीएसपी मोहम्मद जमाल। - Dainik Bhaskar
पत्रकार वार्ता में जानकारी देते डीएसपी मोहम्मद जमाल।

डीएसपी मोहम्मद जमाल ने कहा है कि पुलिस की तरफ से साइबर ठगी से बचाव के लिए अब निरंतर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए तौर-तरीकों से लोगों को सतर्क करना बेहद जरूरी है। इससे ही वारदात रुकेंगी। इसकी बड़ी वजह यह है कि अधिकतर मामलों में जानकारी पीड़ित की तरफ से ही शेयर की जाती है।

पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि ठग हैकिंग के जरिए भी वारदात कर रहे हैं। पुलिस द्वारा पिछले एक माह से लोगों के बीच जाकर जागरूक किया जा रहा है। अनजान लोगों से कोई जानकारी सांझा न करें, जिससे ठगी होने का डर हो। डीएसपी ने कहा कि आजकर ई-मेल के जरिये ठगी के मामले सामने आए है, जिसके प्रति लोगों को जागरूक किया जाना जरूरी है। आमजन अपनी गोपनीय जानकारी असुरक्षित ई-मेल के माध्यम से कहीं भी साझा ना करे।

ठगी से ऐसे बचें

डीएसपी ने बताया किसी ऐसे व्यक्ति को ई-मेल के माध्यम से निजी जानकारी न दें, जिसे नहीं जानते हैं। कम से कम, यूआरएल (यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर) में “एचटीटीपीएस’ (वेब एड्रेस) देखें ताकि समझ सके कि यक एक सुरक्षित कनेक्शन है। वेब पते को प्रत्यक्ष रूप से टाइप करके वेबसाइट पर जाएं। अवांछित ई-मेल में लिंक को क्लिक या कट और पेस्ट न करें।

संवेदनशील जानकारी को इंटरनेट या ई-मेल से सुलभ स्थानों पर न डालें। यहां अनलिंक किए गए वेब पेज भी मिल सकते हैं। यह कभी न मानें की ईमेल, त्वरित संदेश (आइएम), टेक्स्ट या अटैचमेंट निजी या गोपनीय हैं। यदि ई-मेल के माध्यम से कोई भी डाटा प्राप्त करते हैं, तो इसे कम से कम समय के लिए रखें और इसे सुरक्षित रूप से हटा दें। इसमें अटैचमेंट शामिल हैं। उपयोगकर्ता ज्यादा से ज्यादा “गुप्त प्रति’ (ब्लाइंड कार्बन कापी) ऐप लाइन का उपयोग करें। यह ई-मेल पतों को छिपाकर सुरक्षित रखता है और ई-मेल को पढ़ने में आसान बनाता है।

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