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चंडीगढ़ में आज एम्स पर विशेष बैठक:506 एकड़ देने के बाद भी 200 एकड़ इकट्ठी जमीन न होने से रुकावटें

रेवाड़ी4 दिन पहले
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  • एम्स प्रोजेक्ट... मुख्य सचिव के साथ डीसी समेत तमाम विभागों के अफसर नक्शा लेकर बैठेंगे
  • बड़ी चिंता... बीच की 40 एकड़ जमीन न देने की नासमझी में जिले से छिन नहीं जाएं एम्स

राज्य सरकार ने जिले के मनेठी में प्रस्तावित एम्स प्रोजेक्ट को कागजों से धरातल पर उतारने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए मंगलवार 15 सितंबर को चंडीगढ़ में मुख्य सचिव हरियाणा सरकार केशनी आनंद अरोड़ा की अध्यक्षता में विशेष बैठक होने जा रही है। जिसमें राज्य के उच्च अधिकारियों के साथ ही जिला से डीसी यशेंद्र सिंह व तमाम विभागों के अफसर शामिल होंगे। इसमें जमीन से जुड़े हर बिंदु पर गहनता से समीक्षा होगी। हालांकि एम्स की बढ़ती आशाओं के बीच कुछ लोगों की नासमझी जिलों की उम्मीदों पर पानी भी फेर सकती है।

दरअसल एम्स के लिए महज 200 एकड़ जमीन ही केंद्र सरकार ने मांगी है। जिला के गांव माजरा और मनेठी दोनों गांवों ने मिलकर पोर्टल के माध्यम से 506 एकड़ जमीन देने की घोषणा के बावजूद पेंच फंसा हुआ है। क्योंकि इस जमीन के बची करीब 40-50 एकड़ जमीन ऐसी है, जिन्हें उनके मालिक एम्स के लिए देने को तैयार नहीं हैं। जबकि एम्स के लिए हर हाल में इकट्ठी जमीन की आवश्यकता है। लंबे समय से चल रहे मान-मनौव्वल के बाद भी जमीन नहीं मिलने के महत्वपूर्ण बिंदु पर भी चंडीगढ़ बैठक में प्रमुखता से विचार-विमर्श होगा। अफसरों की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार के निर्णय से अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान एम्स के साथ जिले का भविष्य तय होगा।

बता दें कि एम्स के लिए मनेठी में दी गई 200 एकड़ जमीन को अरावली वन क्षेत्र बताते हुए फॉरेस्ट मंत्रालय की तरफ से आपत्ति लगा दी गई थी। इस पर राज्य सरकार ने घोषणा की कि यदि ग्रामीण मर्जी से जमीन दें तो सरकार उसे खरीदकर भी एम्स का निर्माण कराएगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया, जिस पर जो जमीन देने को तैयार है, वो जमीन मालिक डिटेल अपलोड करेगा। सरकार ने एम्स के लिए जमीन अधिग्रहित करने की बजाय यह काम अभी तक लोगों की इच्छा पर ही छोड़ा हुआ है। बीच में बची हुई जमीन लोग देने को तैयार हों तो प्रशासन पोर्टल को भी फिर से खुलवाने को तैयार है।

नक्शे के हिसाब से तैयार हो रही रिपोर्ट

चंडीगढ़ में होने वाली बैठक को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी भी तैयारियों में जुटे रहे। डीसी यशेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को उपायुक्त कैम्प कार्यालय में एम्स के निर्माण को लेकर अधिकारियों की बैठक हुई। डीसी यशेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एम्स निर्माण में जिस विभाग का जो कार्य है, वह नक्शे का अवलोकन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करें। जिसमें पोर्टल पर अपलोड हुई जमीन के बारे में विस्तार से मंथन हुआ।

एनसीजेड, अरावली व माइनिंग भूमि के बारे में चर्चा की गई। बैठक में एम्स निर्माण के लिए जो भूमि पोर्टल पर आई है, उस पर भी बिंदूवार समीक्षा की गई। इस अवसर पर एसडीएम रेवाड़ी रविन्द्र यादव, डीआरओ विजय यादव, एडीटीपी रजनीश कुमार, वन विभाग से रेंजर संदीप यादव, मिनरल अधिकारी अशोक कुमार सहित तहसीलदार व पटवारी भी उपस्थित रहे।

फोरेस्ट, रेवेन्यू से लेकर कानूनी बिंदुओं तक पर होगा मंथन

मुख्य सचिव हरियाणा केशनी आनंद अरोड़ा की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ में एम्स के लिए होने वाली बैठक अपने आप में अहम है। इसमें जिला प्रशासन से डीसी यशेंद्र सिंह के नेतृत्व में तमाम विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक के दौरान जमीन के नक्शे के साथ पूरी रिपोर्ट पर मंथन होगा। जमीन से संबंधित फोरेस्ट, रेवेन्यू और कानूनी बिंदुओं पर भी फोकस रहेगा। अभी तक अपलोड की गई जमीन कितनी एम्स के काम में आ सकती है, यह महत्वपूर्ण विषय रहेगा है।

अभी तक ये जमीनी स्थिति

1. एम्स प्रोजेक्ट के लिए सरकार द्वारा कम से कम 200 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है।

2. इसके लिए मनेठी के ग्रामीणों ने 173 एकड़ तथा माजरा द्वारा 333 एकड़ जमीन पोर्टल पर अपलोड की है, जो कि कुल 506 एकड़ हुई।

3. इसके अलावा 65 एकड़ जमीन माइनिंग मनेठी की भी एम्स के लिए तैयार है।

4. इनके बीच-बीच में करीब 4. से 50 एकड़ जमीन है, जो कि पोर्टल पर नहीं दी गई है। इसी से अड़चन बनी हुई है।

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