80 करोड़ में बनेंगे दो प्रमुख मार्ग:रेवाड़ी को NH-48 से जोड़ने वाले बावल व भाड़ावास रोड फोरलेन होंगे; 30 मिनट से ज्यादा समय बचेगा

रेवाड़ीएक महीने पहले
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खस्ता हाल रेवाड़ी का बावल रोड। - Dainik Bhaskar
खस्ता हाल रेवाड़ी का बावल रोड।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर खुलने के बाद अब खस्ता हाल हो चुकी रेवाड़ी की सड़कों की सुध ली जा रही है। NH-48 को जोड़ने वाले रेवाड़ी शहर के प्रमुख बावल रोड को फोरलेन किया जाएगा। वन विभाग की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही टेंडर छोड़ा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल की शुरुआत में इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो सकता है। वहीं हाईवे से जोड़ने वाले दूसरे मार्ग भाड़ावास रोड को भी फोरलेन बनाया जाएगा। इसका शिलान्यास 26 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल कर चुके हैं।

बता दें कि किसान आंदोलन के चलते दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर बंद होने से एक साल के अंदर हाईवे से रेवाड़ी शहर को जोड़ने वाली लगभग सभी सड़कें खस्ता हाल हो चुकी हैं। बावल और शहाजहांपुर रोड सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। यहां भारी वाहनों के आवागमन की वजह से गहरे गड्‌ढे बन चुके है। इन दोनों ही सड़कों को नए सिर से फोरलेन बनाने का प्लान तैयार कर हरियाणा सड़क एवं पुल विकास निगम लिमिटेड की तरफ से NCR बोर्ड को भेजा गया था। दोनों सड़कें के लिए एनसीआर बोर्ड ने 80 करोड़ का बजट पास किया था।

शहाजहांपुर रोड के फोरलेन निर्माण को लेकर वन विभाग की मंजूरी पहले ही मिल गई थी। यहीं कारण रहा कि 26 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल बावल रैली के दौरान इस सड़क का शिलान्यास भी कर चुके हैं। अब बावल रोड को फोरलेन बनाने की मंजूरी वन विभाग की तरफ से मिली है, जिसके बाद विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि कुछ दिन बाद टेंडर छोड़ा जाएगा और अगले साल की शुरुआत में ही सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू हो सकता है। इन दोनों सड़कों के फोरलेन होने के बाद रेवाड़ी के लोगों को बड़ा फायदा होगा।

30 मिनट तक का सफर कम होगा

अभी दिल्ली-जयपुर हाईवे से शाहजहांपुर मार्ग होते हुए रेवाड़ी शहर तक पहुंचने में 1 घंटे से भी ज्यादा का समय लगता है। इस सड़क के फोरलेन होने के बाद यह दूरी आधे घंटे की हो जाएगी, जबकि बावल रोड पर बनीपुर चौक से रेवाड़ी शहर तक आने में 45 मिनट लगते हैं। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद यह दूरी सिर्फ 15 मिनट की रह जाएगी। साथ ही आए दिन होने वाले सड़क हादसों में भी कमी आएगी, क्योंकि बावल बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और इस मार्ग पर सबसे ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है। सिकुड़ी सड़क होने के कारण हर दिन इस मार्ग पर हादसे होते हैं। फोरलेन होने के बाद सड़क 10 मीटर चौड़ी हो जाएगी।