रेवाड़ी में स्मॉग की चादर:आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ; दो दिन आतिशबाजी के बाद एक्यूआई पहुंचा 376

रेवाड़ी22 दिन पहले
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दीपावली के त्योहार पर आतिशबाजी के बाद हरियाणा में खासकर दिल्ली के साथ लगते जिलों में स्मॉग छा गया है। रेवाड़ी जिले में शनिवार सुबह स्मॉग के कारण ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। साथ ही सांस लेने और आंखों की जलन की समस्या हुई। खासकर दमा, कैंसर और हार्ट के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही तो आने वाले कुछ और दिन में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। एक दिन पहले ही रेवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा में AQI 376 दर्ज किया गया।

दिवाली वाले दिन बिगड़ी आबोहवा

पहले ही स्मॉग का पूर्वानुमान लगाया जा रहा था। सर्दी की दस्तक के साथ ही स्मॉग की चादर गहराने लगी। दिवाली के दिन से ही हालात बिगड़ने शुरू हो गए। दिवाली के त्योहार वाले दिन सुबह के समय स्मॉग नजर आया। रात को हुई जमकर आतिशबाजी के बाद शुक्रवार को स्मॉग पूरी तरह से गहरा गया। सुबह से ही आसमान पूरी तरह से धुंधला नजर आया। धारूहेड़ा में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 383 रहा। धारूहेड़ा में पीएम 10 का स्तर 231 रहा। पिछले साल के मुकाबले इस बार अक्टूबर में प्रदूषण का स्तर ठीक रहा, लेकिन नवंबर की शुरूआत में दिवाली के अगले दिन से प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया।

झज्जर रोड फ्लाइओवर से स्मॉग के बीच गुजरते लोग।
झज्जर रोड फ्लाइओवर से स्मॉग के बीच गुजरते लोग।

घुटने लगा दाम
प्रदूषण व स्मॉग की वजह से सबसे ज्यादा सांस व हार्ट के रोगियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सांस के रोगियों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। डॉक्टर भी उन्हें बगैर मॉस्क लगाए बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहे हैं।

बेहद खतरनाक वातावरण

रेवाड़ी के वरिष्ठ चिकित्सक डा. शिवरतन यादव ने बताया कि स्मॉग की वजह से वातावरण बेहद खतरनाक हो गया है। हृदय व सांस के मरीजों के लिए यह वातावरण ज्यादा खतरनाक है। हवा में घुले धूल के कण फेफड़ों में जम जाते हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। सांस और हार्ट के मरीजों को बहुत जरूरी होने पर ही इस समय बाहर निकला चाहिए।

तारीख एक्यूआई

1 नवंबर 209

2 नवंबर 205

3 नवंबर 157

4 नवंबर 237

5 नवंबर 376

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