वर्ल्ड हार्ट-डे आज:30 से 40 वर्ष के युवाओं में हृदय रोग के मामले हुए दोगुने; धूम्रपान, उच्च कोलेस्ट्रॉल व मोटापा बन रहा वजह

रेवाड़ी2 महीने पहले
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  • विशेषज्ञों ने दी सलाह; सतर्क रहें, अपने दिल की करें देखभाल

वर्ल्ड हार्ट-डे 29 सितंबर को है। इस दिन हार्ट को कैसे स्वस्थ रखें, यह विशेषज्ञ भी बताएंगे। अब से कुछ दशक पहले देश में हार्ट के कम मरीज थे, लेकिन अब कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) की महामारी के तेजी से बढ़ने के कारण परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। इसके साथ ही ‘ब्रोकेन यंग हार्ट’ के अर्थ और कारण भी बदल रहे हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि कोरोनरी धमनियां रक्त और ऑक्सीजन को हृदय तक ले जाती हैं, इसलिए कोरोनरी धमनियों को प्रभावित करने वाली किसी भी बीमारी के कारण दिल को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। हृदय में ऑक्सीजन की अत्यधिक कमी मायोकार्डियल इंफार्कसन (दिल का दौरा) के दौरान होती है। अब 30 से 40 वर्ष के युवा मरीजों में भी हृदय रोग के मामले पिछले दशक में दोगुने हो गए हैं।

ये बड़ी वजह

विशेषज्ञ बताते हैं कि युवाओं में दिल का दौरा पड़ने के लिए जिम्मेदार सबसे सामान्य कारणों में धूम्रपान, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, उच्च उक्तचाप, मोटापा, अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव, जेनेटिक्स, जागरूकता की कमी को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

ऐसे में स्वस्थ आहार का सेवन करने, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, अपने रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को जानने और उसे नियंत्रित रखने, वजन को नियंत्रित रखने, तंबाकू के सेवन से परहेज करना, तनाव को कम करने और मधुमेह का प्रबंधन करने की सलाह दी जाती है।

बदलती लाइफ स्टाइल और धूम्रपान बड़ा कारण : डॉ. रणवीर

नागरिक अस्पताल के ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. रणवीर सिंह के अनुसार बदलती लाइफ स्टाइल, फास्ट फूड का सेवन, घर में बैठे रहना और एक्सरसाइज कम करना और धूम्रपान भी हृदय रोग का एक बड़ा कारण है। ऐसे में हार्ट अटैक के लक्षण पहचानें और विशेषज्ञ को दिखाकर उचित इलाज कराएं। डॉ. रणवीर के अनुसार अपने लिए समय निकालें, धूम्रपान नहीं करें और संतुलित डाइट लें और अपनी क्षमता अनुसार एक्सरसाइज भी हर रोज करनी चाहिए।

पहले थे कम ह्दय रोगी, अब बढ़ रहे मामले : डॉ. अभय कुमार

वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभय कुमार बताते हैं कि एक दशक पहले तक युवाओं में हृदय रोग कम था, लेकिन अब बढ़ा है। पिछले दिनाें भी 27 साल का एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल सीने में तेज दर्द की शिकायत लेकर आया था। जांच करने पर पाया कि उसे एक्यूट हार्ट अटैक हुआ है। मुख्य धमनी(एलएडी) में भी काफी रुकावट की पुष्टि हुई थी। तत्काल उसकी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) की।

ऐसे बच सकते हैं कोरोनरी धमनी की बीमारी से

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तंबाकू, अस्वास्थ्यकर आहार, शारीरिक निष्क्रियता, रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल जैसे मुख्य जोखिम कारकों से बचाव करने पर कम से कम 80 प्रतिशत समय से पहले होने वाली कोरोनरी धमनी की बीमारी से बचा जा सकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए कार्यस्थल पर तनावरहित माहौल होना चाहिए तथा फल-सलाद की व्यवस्था होनी चाहिए।

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