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महिला कॉन्सटेबल भर्ती परीक्षा:महिला अभ्यर्थियों के लिए 200 से 300 किलोमीटर दूर सेंटर, परीक्षा देने रेवाड़ी से करनाल-यमुनानगर जाना होगा

रेवाड़ी12 दिन पहले
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  • शाम 4.30 बजे पेपर खत्म होगा, घर लौटने की भी चिंता
  • किसान आंदोलन की वजह से भी बढ़ी हुई चिंता, जाम से जूझना पड़ सकता है

हरियाणा पुलिस की महिला कांस्टेबल की 18 और 19 सितंबर को होने कांस्टेबल की परीक्षाओं के लिए महिला अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। कर्मचारी चयन आयोग ने पहले तय किए महिलाओं को 50 किमी दायरे में परीक्षा केंद्र के वायदे को ही भुलाकर उन्हें 200 से 300 किलोमीटर दूर केंद्र आवंटित कर दिए हैं।

दूर-दराज के जिलों में दिए गए परीक्षा केंद्रों को लेकर अभिभावकों में भी नाराजगी है। पहले भी दूर परीक्षा केंद्र दिए जाने को लेकर अभ्यर्थी रोष व्यक्त करते रहे हैं। इसी के चलते सरकार ने नजदीकी जिलों के केंद्र बनाने शुरू किए थे, मगर अब कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए फिर से लंबा सफर तय करना होगा।

रेवाड़ी के अभ्यर्थियों के करनाल-यमुनानगर में भी सेंंटर

पिछले माह हुई परीक्षाओं के दौरान कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से महिला अभ्यर्थियों को 50 से 100 किमी के दायरे में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए थे। अब सरकार पर दवाब भी था कि इस परीक्षा को जल्द आयोजित कराए जिसके लिए आयोग की तरफ से अब यह परीक्षा 18 और 19 सितंबर को आयोजित की जा रही है।

दोनों दिनों के लिए आयोजित होने वाली महिला कांस्टेबल परीक्षा के लिए जिला रेवाड़ी से भी आवेदकों की संख्या हजारों में है। हालांकि आयोग ने पहले इस बात का सरकार ने नीतिगत निर्णय लिया था कि महिलाओं को उनके घर के 50 किमी दायरे में परीक्षा केंद्र दिया जाएगा ताकि उनको अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसकी वजह से महिला अभ्यर्थियों को साथ लगते जिलों में ही केंद्र मिले थे।

अब 18 और 19 सितंबर की परीक्षा में इस नीतिगत निर्णय को ही एक तरफ रख दिया गया है और रेवाड़ी जिला की महिला आवेदकों को 50 किमी तो दूर अपितु 200 से 300 किमी दूर तक केंद्र आवंटित किए गए हैं। सबसे ज्यादा केंद्र यमुनानगर जिला में दिए गए हैँ। इसके अलावा करनाल और फिर कुरुक्षेत्र जिलों में आवंटित किए हैं।

शाम की पारी के लिए सबसे मुश्किल

इन परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लाखों में है और खासतौर से रेवाड़ी जिला की अभ्यर्थियों के लिए मुश्किल यह हो गई है कि उन्हें किसान आंदोलन की वजह से संवेदनशील श्रेणी में आ रहे जिलों में केंद्र आवंटित हुए है। जीटी बेल्ट पूरी किसान आंदोलन की वजह से प्रभावित है।

ऐसे में जगह-जगह चल रहे आंदोलन और सड़क जाम की वजह से भी उनके लिए एक दिन पहले पहुंचना जरूरी हो गया है। साथ ही सबसे अधिक मुश्किल शाम की पारी के अभ्यर्थियों को है। परीक्षा दो सत्रों में होगी। सुबह के सत्र में 10:30 से 12 बजे तथा शाम के सत्र में दोपहर बाद 3बजे से साढ़े 4 बजे तक होगी

अभ्यर्थी बोली- आयोग ने परेशानी के बारे में सोचा तो होता

​​​​​​​करनाल में परीक्षा के लिए जाने वाली छात्रा नेहा व भारती ने बताया कि उनको करनाल केंद्र अलॉट किया है। एक तो करनाल की दूरी काफी अधिक है। वहीं उनके साथ पढ़ने वाली कई छात्राओं को यमुनानगर केंद्र आवंटित हुए हैं। सरकार बेटियों की सुविधा की बात तो करती है लेकिन समय पर भूल जाती है। परीक्षा केंद्र आवंटित करने से पहले आयोग ने बेटियों के बारे में कुछ तो सोचा हो कि घर से इतनी दूर एग्जाम के लिए जाने में कितनी दिक्कत होती है। राजस्थान में तो महिला एवं छात्राओं को जिला में ही परीक्षा केंद्र मिलते हैं।

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