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आज फैसले का दिन:उच्च न्यायालय से आज आ सकते हैं विस्तृत आदेश इधर, कंवर सिंह ने राव खेमे में एंट्री कर चौंकाया

रेवाड़ी3 दिन पहले
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  • धारूहेड़ा नपा अध्यक्ष पद का कोर्ट में मामला

नगर पालिका धारूहेड़ा के अध्यक्ष पद का मसला अदालत के फैसले पर निर्भर है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में 15 सितंबर को विस्तृत आदेश भी आ सकते हैं। इससे पहले ये कोर्ट के विस्तृत आदेश 13 सितंबर को जारी होने थे, मगर ऐसा नहीं हुआ। इस मामले में 15 सितंबर की नई तारीख दे दी गई थी। अब बुधवार को उच्च न्यायालय की कार्यवाही पर सभी की नजर है।

चेयरमैन पद के 7 प्रत्याशी भी कोर्ट के रुख का इंतजार कर रहे हैं। विस्तृत आदेश आने के बाद प्रत्याशी पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी में है। इधर, मुख्य चुनाव के विजेता रहे कंवर सिंह ने मंगलवार को राव खेमे में एंट्री कर सभी को चौंकाया। कांग्रेसी विचारधारा के माने जाने वाले कंवर सिंह मंगलवार को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलने पहुंच गए। कोर्ट के विस्तृत आदेश से पहले ही कंवर सिंह आश्वस्त नजर आए तथा राव को शपथ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी दे दिया।

40 साल कांग्रेस के साथ रहे, अब जीवनभर राव के साथ : कंवर सिंह

दिल्ली स्थित केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के आवास से लौटने के बाद कंवर सिंह ने फोन पर दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए आगे की रणनीति साझा की। कंवर सिंह ने कहा कि वे 40 साल तक कांग्रेस के साथ रहे हैं। उन्होंने हमेशा सिद्धांतों को सबकुछ माना है, इसलिए कभी किसी के साथ गद्दारी नहीं की।

हमने अपने स्वार्थ में न ही किसी के साथ धोखा और न किसी को बदनाम किया। अब राव इंद्रजीत सिंह के साथ हैं और जब तक जीएंगे, उनके साथ रहेंगे। हमने राव को शपथ समारोह के लिए अग्रिम निमंत्रण भी दिया है तथा उन्होंने न्यौता स्वीकार भी कर लिया है। जब भी समारोह होगा, उसमें राव बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे।

7 असंतुष्ट प्रत्याशी रिव्यू पिटीशन दायर करने की तैयारी में

मुख्य चुनाव में कंवर सिंह को जीत हासिल हुई थी, मगर निर्वाचन आयोग ने सर्टिफिकेट विवाद में 15 मार्च को उन्हें पद से हटा दिया था। कंवर सिंह ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चैलेंज करते हुए याचिका दायर की। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 10 सितंबर को ही कंवर सिंह की याचिका मंजूर करते हुए 15 मार्च को जारी हुए आयोग के फैसले को रद्द कर दिया।

फैसले में साथ ही ये भी कहा कि विस्तृत आदेश में ये बताया जाएगा कि निर्वाचन आयोग का आदेश क्यों रद्द किया। इसके लिए 13 सितंबर तय की थी। इसी दिन हाईकोर्ट के निर्णय से असंतुष्ट 7 चेयरमैन प्रत्याशियों ने भी कानूनी लड़ाई का ऐलान कर दिया तथा पुनर्विचार याचिका डालने के लिए रातों-रात चंडीगढ़ पहुंच गए। हालांकि कोर्ट के विस्तृत आदेश जारी नहीं होने तक पुनर्विचार याचिका दायर नहीं हो सकती।

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