नेशनल डॉक्टर्स-डे / जिंदगी बचाने से लेकर संक्रमितों की मृत्यु के बाद संस्कार तक में फर्ज निभा रहे डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ भी 24 घंटे अलर्ट

Doctors, paramedical staff also performing 24-hour alert, from saving lives to the rites after the death of the infected
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Doctors, paramedical staff also performing 24-hour alert, from saving lives to the rites after the death of the infected

  • संकट काल में फ्रंट लाइन में खड़े हैं कोरोना वॉरियर्स, वायरस की चेन तोड़ने के लिए परिवार से दूरी बनाकर रखी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 07:35 AM IST

रेवाड़ी. कोरोना की चेन तोड़ने के लिए डॉक्टर कोरोना वॉरियर्स बनकर फ्रंट लाइन में खड़े हैं। वायरस के खतरे के सबसे नजदीक यही लोग हैं। कोरोना काल में इनकी भूमिका उभरकर सामने आई है। डॉक्टर की जिम्मेदारी केा रेवाड़ी के ही एक मामले से समझ सकते हैं कि लोग अपने परिवार के एक सदस्य की मृत्यु पर उसे देखने तक नहीं गए और स्वास्थ्य कर्मी उसी संक्रमित डेड बॉडी को कवर कर दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट तक पहुंचाकर आते हैं।

सिविल हॉस्पिटल में 80 से ज्यादा डॉक्टरों के अलावा अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी 24 घंटे अलग-अलग शिफ्टों में ड्यटी कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा कोरोना से सुरक्षा के लिए लिहाज से उठाए जा रहे हर कदम के पीछे स्वास्थ्य विभाग की भूमिका है।

अस्पताल से आपदा प्रबंधन का जिम्मा इनके कंधों पर
कोरोना के खिलाफ जंग में सिविल सर्जन डॉ. सुशील कुमार माही व पीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्वजीत थापर, डॉ. एके रंगा, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. अर्चना, डॉ. एके सैनी व डॉ. नारंग नागरिक अस्पताल में प्रबंधन का जिम्मा देख रहे हैं। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. विजय प्रकाश लगातार पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. लालसिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. टीसी तंवर जिले में बनाए कोरोना आपदा प्रबंधन में नोडल अफसर एवं अन्य विभिन्न जगह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

वहीं डॉ. सुरेंद्र सीहा, डॉ. रजनीश, डॉ. जितेंद्र, डॉ. बलजीत कोरोना के खिलाफ जंग में जुटे हैं। इसके अलावा एसएमओ डॉ. सरोज, डॉ. जितेंद्र रंगा व डॉ. इंद्रजीत गेरा भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुदर्शन पंवार के साथ डॉ. रामनिवास, डॉ. जेपी, डॉ. भीष्म पंवार, डॉ. गिरीश, डॉ. विक्रम, डॉ. अभिषेक, डॉ. सुधा, डॉ. विजय डबास, डॉ. अमन, डॉ. चितरंजन, डॉ. दिनेश, डॉ. मीत, डॉ. यशपाल व अन्य डॉक्टर्स कोरोना की शुरूआत से ही सैंपलिंग देखते आ रहे हैं।

इसके अलावा डॉ. इंद्रजीत, डॉ. अजय केदार शर्मा, डॉ. वंदना, डॉ. नमिता, डॉ. करूणा व डॉ. सविता ने भी जिम्मेदारी संभाली है। डॉ. रणवीर, डॉ. राजेश, डॉ. नीरज, डॉ. मनोज, डॉ. सुरेश, डॉ. विशाल, डॉ. अनिल यादव, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. प्रदीप यादव, डाॅ. प्रदीप राव, डॉ. ज्योति, डॉ. नीतू, डॉ. रेणू बंसल, डॉ. सुमित, डॉ. रिजुल, डाॅ. आदित्य व डॉ. रविंद्र पाली सहित अन्य कई डॉक्टरों को आईसोलेशन वार्ड, फ्लू ओपीडी व इमरजेंसी ड्यूटी सहित अन्य जिम्मेदारी बखूबी निभाते रहे हैं।

संक्रमित गर्भवती हुई भर्ती डिलीवरी के लिए टीम तैयार
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्वजीत थापर का कहना है कि मीरपुर कोविड केयर सेंटर से दो दिन पहले ही एक गर्भवती को सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जिसकी डिलीवरी का समय नजदीक ही है। वार्ड में महिला की पूरी देखभाल की जा रही है और उसकी डिलीवरी के लिए स्पेशल टीम तैयार है। उन्होंने कहा कि पूरे एहतियात के साथ डिलीवरी कराई जाएगी। ऐसे केस में डॉक्टर का भी संक्रमण की चपेट में आ जाने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। मगर डॉक्टरों में इस बात केा लेकर किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं है।

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