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79% ज्यादा बारिश में टूट गईं सड़कें:पहले गड्‌ढे भरे नहीं, अब रोड और खतरनाक हो गए सरकारी सिस्टम के भरोसे नहीं रहें... संभलकर चलें

रेवाड़ी7 दिन पहले
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  • शहर से गांवों तक बुरा हाल, दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे
  • हाईवे पर 1-1 फीट गहरे गड्‌ढे छीन रहे जिंदगियां, लंबे समय से पैचवर्क नहीं
  • मानसून से पहले भी बहाने, अब बरसात थमने का इंतजार कर रहे

मानसून ने अच्छा-खासा इंतजार कराया, मगर फिर ऐसा बरसा कि पूरी व्यवस्था चौपट हो गई। शहर के अंदर से हाईवे तक की सड़कें पहले ही टूटकर बिखर रही थी, अब बरसाती पानी भरा तो ये और भी खतरनाक हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तो इस समय कोई सडक ऐसी नहीं है, जो कि जानलेवा न हो। दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस लेन पर तो 1-1 फीट गहराई और कई फीट दूरी तक के गड्‌ढे बने हुए हैं। हाल देखते हुए भी इन्हें सुधारा नहीं गया।

शहर के अंदर बावल रोड को दबाव में कुछ मरम्मत कर ठीक किया गया, मगर ये काम भी इतना हल्का रहा कि दो दिन की बारिश में बेहद खतरनाक तरीके से रोड उखड़ चुकी है। यह हाल रेवाड़ी-शाहजहांपुर रोड का है। इन सड़कों पर अब रोज वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। गाड़ियां खराब हो रही हैं। लोग शिकायतें कर-करके हार गए मगर सड़कों को व्यवस्थित तरीके से नहीं सुधारा गया। अब बरसात में सड़कों का निर्माण कार्य भी संभव नहीं है। इसलिए वाहन चालक अपनी सुरक्षा के लिए इन सड़कों पर संभलकर चलें।

शहर... रोड के पास गड्‌ढे खोदकर छोड़े
शहर में कई जगह रोड के साथ गड्‌ढे खोदकर छोड़े हुए हैं। ये गड्ढे प्राइवेट कंपनियों द्वारा केबल या अन्य लाइन डालने के लिए खोदे गए। जो कि भरे नहीं गए या आधे-अधूरे दबाए। अब बरसात होते ही मिट्‌टी नीचे धंसने से खतरनाक हो चुके हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। सेक्टर-4 में भी एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी द्वारा इस तरह के गड्ढे खोदकर छोड़ने की शिकायतें हैं।

एनएच-48 और 352 : गाड़ियां गड्‌ढों में फंस रही, लंबा जाम
दिल्ली-जयपुर हाईवे 48 और रेवाड़ी (बावल)- रोहतक हाईवे 352 के सर्विस लेन जगह-जगह टूटी हुई है। ज्यादा बुरा हाल एनएच-48 का है। यहां सर्विस लेन को लंबे समय से सुधारा नहीं है। राजस्थान सीमा के खेड़ा बॉर्डर से गुड़गांव सीमा के कापड़ीवास तक पूरे हाईवे पर हर कट और पुलों के पास सर्विस लेन टूटी हुई है। गहरे गड्‌ढे बने हुए हैं। बड़ी गाड़ियां फंसकर खराब हो रही है, इससे जगह-जगह जाम भी लग रहा है। बाइक सवार तो रोज दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

शहर का बावल रोड : जानलेवा गड्‌ढे बने, तुरंत पैचवर्क जरूरी
बावल रोड को लंबी खींचतान के बाद बनाया गया। हाईवे प्राधिकरण इस सड़क को लोक निर्माण विभाग को सौंपने के चक्कर में नहीं बना रही थी। केंद्रीय मंत्री व जिला प्रशासन के दखल के बाद वन टाइम सेटलमेंट के तहत इसकी मरम्मत कर तो दी, मगर 10 दिन बाद इसमें रोड़ियां निकलनी शुरू हो गई थी। अब बारिश में महाराणा प्रताप चौक से 100 मीटर दूरी पर जबरदस्त गड्‌ढे हो गए। इसमें कई बाइक सवार गिर चुके।

शाहजहांपुर रोड : जर्जर हो चुकी सड़क, अब डाल रहे रोडियां
दिल्ली-जयुपर हाईवे के खेड़ा बॉर्डर पर बंद होने के चलते भारी वाहन रेवाड़ी-शाहजहांपुर रोड पर दौड़ रहे हैं। इससे यह सड़क पूरी तरह जर्जर होती जा रही है। कई जगह तो 20-30 फीट तक की लंबाई में सड़क उखड़ चुकी है। खंडोडा मोड से ही इसकी बदहाली शुरू हो जाती है, जो कि अब भाड़ावास फाटक के दोनों ओर देखी जा सकती है। बरसात में गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त होनी शुरू हुई तो अब रोड़ियां डालकर गड्‌ढों को भरने के प्रयास शुरू हुए हैं।

रात 9.30 बजे फिर बारिश

बुधवार रात 9.30 बजे शहर व जिले के कुछ अन्य हिस्सों में तेज बरसात हुई। करीब 20 मिनट तक रिमझिम बौछारें गिरी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार तक रेवाड़ी जिला में औसत 239.8 एमएम बारिश हो चुकी है। जो कि सामान्य से 79% ज्यादा है। बुधवार रात को हुई बारिश से यह आंकड़ा और बढेगा।

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