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समर्थन का मार्च:एनएच-48 पर बावल चौरासी के किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक बाधित रहा

रेवाड़ी25 दिन पहले
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ट्रैक्टर रैली निकालते बावल चौरासी के किसान। - Dainik Bhaskar
ट्रैक्टर रैली निकालते बावल चौरासी के किसान।
  • साबन चौक से खेड़ा मोर्चा तक पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस बल तैनात रहा
  • हर दिन अलग-अलग गांवों से मोर्चे पर रुकेंगे लोग

बावल चौरासी के किसानों ने बुधवार को दिल्ली-जयपुर हाईवे संख्या-48 पर ट्रैक्टर रैली निकाली। प्रधान सुमेर जेलदार की अगुआई में हाईवे के साबन चौक से शुरू होकर प्रदर्शनकारियों की यह यात्रा खेड़ा-शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसानों के धरनास्थल तक पहुंची। खेड़ा मोर्चा पर किसान आंदोलनकारियों को अपना समर्थन दिया। इस दौरान स्वराज इंडिया प्रमुख योगेंद्र यादव समेत तमाम किसान नेताओं ने फूल बरसाकर रैली का स्वागत किया।

13 दिसंबर 2020 से किसान संगठन एनएच-48 पर धरना दे रहे हैं। जनवरी तक यहां पूरे जोश के साथ धरना-प्रदर्शन चल रहा था, मगर 26 जनवरी की दिल्ली घटना के बाद अचानक धरना शांत होने लगा था। इसके बाद यहां हर रोज संख्या घटती गई। इसके पीछे की वजह कोरोना का प्रभाव, फसल कटाई का समय और मौसम भी रहा।

अब फिर से आंदोलन में जान फूंकने और रेवाड़ी जिला से भागीदारी बढ़ाने के लिए बावल चौरासी और भारतीय किसान यूनियनों के पदाधिकारियों ने ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया था। बुधवार सुबह से ही बावल चौरासी के लोग एकत्रित होना शुरू हो गए थे।

ट्रैफिक किया गया डावयर्ट

प्रदर्शन के चलते हाईवे ट्रैफिक भी बाधित रहा। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट भी किया था। सर्विस रोड बंद होने से वाहनों को कई किलोमीटर घूमकर निकलन पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिसबल तैनात रहा। इधर, बावल चौरासी के नेतृत्व ने यह भी निर्णय लिया गया कि बावल चौरासी से किसान आंदोलन को लगातार समर्थन दिया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग गांवेां की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।

24 घंटे धरने पर रहेगी मौजूदगी

भारतीय किसान यूनियन के महासचिव रामकिशन महलावत ने बताया कि अब दिन-रात धरने पर मौजूदगी कर निर्णय किया गया है। आन्दोलन को मजबूती देने के लिए रोजाना मोर्चा पर बावल चौरासी का एक गांव उपस्थित रहेगा।

फिलहाल 7 जुलाई को बावल, 8 जुलाई बनीपुर, 9 जुलाई बीदावास, 10जुलाई हरचन्दपुर, 11जुलाई प्राणपुरा, 12 जुलाई किशनपुर, 13 जुलाई राणोली आदि गांवों के लोगों की जिम्मेदारी तय की है। प्रत्येक गांव सुबह 9 बजे से अगले दिन 9 बजे तक ठहरेगा। आगे भी इसी तरह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

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