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नगर परिषद कमीशन खोरी मामला:जिले से बाहर कार्यरत सरकार के उच्च अधिकारी से कराएं आरोपों की जांच

रेवाड़ी2 महीने पहले
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  • 20 वकीलों के हस्ताक्षर के साथ भेजा गया मांगपत्र

नगर परिषद में कमीशनखोरी के आरोपों की जांच कराने को लेकर वकीलों ने आवाज उठाई है। अधिवक्ता सुनील भार्गव की अगुआई में 20 वकीलों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया है। इसमें मांग की है कि कमीशनखोरी के आरोप बेहद गंभीर विषय है। ठेकेदार ने खुलकर आरोप लगाए हैं कि वह 18-19% कमीशन नप के अफसरों को देता था। भार्गव ने कहा कि हर साल सरकार से करोड़ों रुपए ग्रांट आती है। शहर में विकास कार्य उतने नजर नहीं आते।

पार्कों का ठेका था, मगर उनकी हालत बदतर है। इसलिए इन आरोपों को हल्के में लेने की बजाय इनकी जांच होनी चाहिए। जांच विभाग के ही ऐसे उच्च अधिकारी से कराई जानी चाहिए, जो कि रेवाड़ी में तैनात न हो। यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि जनता में भ्रष्टाचार मुक्त नारे का अच्छा संदेश जाए। ज्ञापन भेजने वालों में वीर नारायण, राहुल सुहाग, राजपाल यादव, संदीप, राजबीर, तेजसिंह, शमशेर सिंह, अभिनव, भारती, शशि, राकेश पंवार, नीतेश अग्रवाल, रजनी यादव, गोपाल नारायण, गौरव शर्मा, सत्यनारायण, राहुल सिंह व प्रवीन भाटिया सहित अन्य वकील शामिल रहे।

ठेकेदार के हंगामे के बाद उपजा विवाद

शहर के पार्कों के रखरखाव का ठेका लेने वाले ठेकेदार शीशराम ने 7 जून को नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर हंगामा किया था। विवाद इतना बढ़ा कि ईओ ने ठेकेदार के खिलाफ केस तक दर्ज कराया था। ठेकेदार ने नप अफसरों पर हर ठेके में कमीशनखोरी के आरोप लगाए थे। कहा कि यह कमीशन 18 से 19% तक होता है। इस मामले में अभी तक प्रशासन या नगर निकाय अधिकारियों की ओर से जांच करने की अधिकृत सूचना जारी की है।

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