रेवाड़ी जेल सुपरिंटेंडेंट के घर विजिलेंस की रेड:गिरफ्तार करने आई थी; 5 घंटे बाद खोला दरवाजा, लेकिन मिला नहीं; नारनौल जेल रिश्वतकांड में आरोपी है

रेवाड़ीएक महीने पहले
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हरियाणा के नारनौल जेल रिश्वत कांड में बुधवार की सुबह गुरुग्राम विजिलेंस की टीम ने रेवाड़ी जेल सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार के घर रेड की। लेकिन 5 घंटे बाद घर का दरवाजा खेला गया। विजिलेंस ने अंदर जाकर तलाशी ली, लेकिन ढाई घंटे की तलाश के बावजूद आरोपी अनिल नहीं मिला। विजिलेंस इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम विजिलेंस टीम सुबह 4:00 बजे रेड करने पहुंची थी। लेकिन दरवाजा नहीं खुलने की वजह से टीम जेल अधीक्षक के घर में एंट्री नहीं कर पाई। बाद में उनके वकीलों के जरिए घर के अंदर मौजूद परिवार के सदस्यों से बात की गई और फिर दरवाजा खुला। करीब 2 घंटे से ज्यादा समय तक घर के अंदर सर्चिंग की गई। विजिलेंस टीम ने घर के एक-एक कमरे को तलाशा, लेकिन कहीं पर भी जेल अधीक्षक नहीं मिला।

इंस्पेक्टर अजीत सिंह का कहना है कि जेल अधीक्षक अनिल कुमार जांगड़ा का नाम रिश्वत कांड में सामने आया था। इसलिए उन्हें जांच में शामिल करना था। पता चला है कि रात 10:00 बजे ही वह घर से निकल गए थे। अब उनकी तलाश में अन्य जगह छापामारी की जाएगी। जेल रिश्वत कांड में 9 दिसंबर को 7 पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में जेल सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कुलदीप हुड्डा का नाम आया था।

रिश्वतखोर जेल सुपरिंटेंडेंट को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस विजिलेंस लेकर पहुंची। टीम घर में दाखिल नहीं हो पाई है। क्योंकि घर अंदर से बंद है।
रिश्वतखोर जेल सुपरिंटेंडेंट को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस विजिलेंस लेकर पहुंची। टीम घर में दाखिल नहीं हो पाई है। क्योंकि घर अंदर से बंद है।

बता दें कि नारनौल और रेवाड़ी दोनों जेल में अपराधियों से पैसा लेने का खेल काफी पुराना चल रहा है, जिसकी जानकारी विजिलेंस ब्यूरो को काफी पहले से मिली हुई थी। इसी जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए 9 दिसंबर को विजिलेंस गुरुग्राम यूनिट ने नारनौल जेल में रेड की थी। उस वक्त जेल वार्डन राजन को एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

रिश्वत की रकम हरियाणा-राजस्थान के नामी गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर के खास गुर्गे संदीप उर्फ सिंधिया के भाई हंसराज से ली गई थी। उस वक्त जेल के अन्य वार्डन गजे सिंह का नाम भी सामने आया था। विजिलेंस टीम ने गजे सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया था। दोनों से सख्ती से हुई पूछताछ के बाद नारनौल जेल के डिप्टी सुपरिेटेंडेंट कुलदीप हुड्डा और नारनौल जेल का अतिरिक्त कामकाज देख रहे रेवाड़ी जेल सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार का नाम भी सामने आया।

विजिलेंस टीम ने 7पीसी एक्ट के तहत दर्ज की गई एफआईआर में जेल वार्डन राजन और गजे सिंह के अलावा नारनौल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कुलदीप हुड्डा को नामजद किया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, उसमें जिला जेल अधीक्षक अनिल कुमार का नाम भी जुड़ गया। अब उसी आधार पर विजिलेंस टीम ने बुधवार की अलसुबह करीब 4 बजे रेवाड़ी स्थित जेल सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार के घर पर रेड की।

विजिलेंस टीम ने घर की तलाशी लेने के लिए सर्च वारंट की तैयारी की है। सर्च वारंट मिलने पर जेल सुपरिंटेंडेंट के घर तलाशी ली जाएगी।
विजिलेंस टीम ने घर की तलाशी लेने के लिए सर्च वारंट की तैयारी की है। सर्च वारंट मिलने पर जेल सुपरिंटेंडेंट के घर तलाशी ली जाएगी।

डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने लगाई अग्रिम जमानत

रिश्वत कांड में नारनौल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कुलदीप हुड्डा नामजद है। उनकी गिरफ्तारी को लेकर भी विजिलेंस टीम लगातार छापामारी कर रही है। इस बीच गिरफ्तारी से बचने के लिए कुलदीप हुड्डा ने नारनौल की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में अग्रिम जमानत लगाई है, जिस पर आज सुनवाई होनी है।

विवादित रहा जेल सुपरिंटेंडेंट का सफर

नारनौल की नसीबपुर के जेल सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार के पास रेवाड़ी जेल का भी अतिरिक्त चार्ज है। सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार की जहां भी पोस्टिंग रही, उनके साथ विवाद जुड़ते रहे। ये वही अनिल कुमार है, जिनका नाम एसआरएस ग्रुप के जिंदल से कथित तौर पर जेल में उगाही करने में जुड़ा था।

बताया जा रहा है कि गुरुग्राम में हुई करोड़ों रुपए की चोरी के आरोपी डॉ. सचिन्द्र जैन उर्फ नवल के साथ भी अनिल कुमार से अच्छे संबंध हैं। जेल अधीक्षक अनिल कुमार का नाम गुरुग्राम के छैलू हत्याकांड में भी उछला था, बाकायदा उस समय नार्को टेस्ट भी हुआ था। अनिल कुमार के खिलाफ फरीदाबाद में दुष्कर्म के आरोप की जांच भी लंबित बताई जा रही है। आरोप जेल में बंद एक महिला कैदी ने लगाए थे।