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दो दिन की बारिश ने दिखाई हकीकत:डेढ़ साल पहले अधूरा छोड़ा बरसाती नाला समय से बना होता तो शहर इतनी परेशानी नहीं झेलता

रेवाड़ी12 दिन पहले
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अग्रसेन चौक के निकट सड़क पर जाम पानी से निकलते वाहन व राहगीर। - Dainik Bhaskar
अग्रसेन चौक के निकट सड़क पर जाम पानी से निकलते वाहन व राहगीर।
  • लाखों खर्च, मगर निकासी व्यवस्था नहीं
  • पार्षद ने उठाए सवाल - अधूरे काम की पेमेंट की, काम कराते या भुगतान रोकते
  • जिले में 16 एमएम बारिश... सबसे अधिक नाहड़ में 47 व कोसली में 41 एमएम

मॉनसून की बरसात शुरू हो चुकी है। लगातार दो दिन तक शहर के साथ ही तकरीबन जिले की जमीन को बादलों ने भिगोया। शाम 4 बजे तक जिले में औसत 16 एमएम बारिश हो चुकी थी। सबसे अधिक नाहड़ और कोसली में जमकर पानी गिरा। नाहड़ में 47 व कोसली में 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रेवाड़ी शहर में भी रिमझिम झड़ी लगी। यहां 15 एमएम बारिश रही। इसके बाद भी देर शाम तक बौछारें गिरती रहीं। इस सुकून भरी बारिश से सभी नहीं राहत की सांस ली है।

हालांकि राहत के साथ ही शहर के जिम्मेदारों की लापरवाही परेशानी भी बन रही है। बरसात शुरू होते ही बाजार में कई जगह पानी जमा हो रहा है। 2 साल पहले लाखों रुपए के टेंडर करने के बाद ही भी नगर परिषद समाधान नहीं करा पाया। दरअसल बाजारों के पानी निकासी के लिए भाड़ावास गेट से बरसाती नाले का निर्माण शुरू कराया गया था, मगर बीच में ही यह काम बंद कर दिया गया।

स्थानीय पार्षद गिरीश भारद्वाज ने इसके लेकर नगर परिषद पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अधूरे काम ही पेमेंट तक कर दी गई, जबकि ठेकेदार से काम पूरा कराते या फिर भुगतान रोका जाना चाहिए था।

8-10 लाख रुपए पेमेंट तक कर दी : पार्षद

पार्षद गिरीश भारद्वाज का कहना है कि 2019 में काम शुरू कर 2020 की शुरू में रोक भी दिया गया। बाद में दोबारा शुरू कराने का भी नाम नहीं। जबकि अधिकारियों से ही पता लगा है कि 8-10 लाख रुपए पेमेंट तक भी की गई। पार्षद ने सवाल उठाए कि जब काम ही अधूरा है तो पेमेंट क्यों की गई। काम कराते या भुगतान रोकते। काम नहीं करने वाले ठेकेदार तो ब्लैकलिस्ट होने चाहिए। ऐसे मामलों की जांच होनी चाहिए।

बरसाती नाले के प्रोजेक्ट को लेकर नए सिरे से टेंडर किए जाएंगे। इसके लिए एस्टीमेट बनाया जा रहा है। जहां काम बचा हुआ है, उससे आगे शुरू करेंगे। नाला बनने के बाद बरसाती पानी की निकासी आसानी से हो पाएगी। -जाकिर हुसैन, जेई, नप

मुख्य बाजार में दोनों ओर नाले और फुटपाथ की थी प्लानिंग

शहर के भाड़ावास गेट से लेकर मुख्य बाजार होते हुए गोकलगेट, यहां से झज्जर चौक तथा रेलवे रोड पर बरसाती नाले बनाए जाने का प्लान तैयार किया गया था। विचार था कि सरकुलर रोड की तरह यहां भी दोनों ओर नाले और उन पर फुटपाथ बनाई जाए, ताकि बरसाती पानी भी निकल जाए तथा अतिक्रमण भी नहीं हेागा। साथ ही लोगों को चलने के लिए फुटपाथ उपलब्ध होगा।

अधिकारियों के अनुसार 2019 में इसके टेंडर भी किए गए तथा भारीभरकम राशि के साथ ठेका भी दे दिया गया। कुछ दूरी तरह नाला बनाया, मगर फिर बीच में ही काम बंद कर दिया गया। इसके बाद इसे चालू ही नहीं किया जा सका है।

काम रोकने के बीच मार्च 2020 में जिले में सक्रिय हुए कोरोना को भी बताया, मगर दोबारा काम शुरू नहीं होना भी अपने आप में सवाल है। यदि समय रहते अधिकारी नियमों से चलते तो अब तक नाला पूरा हो गया होता तथा पानी निकासी आसान होती।

ये पानी वरदान... बाजरा व कपास को होगा फायदा

उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. दीपक कुमार के अनुसार बारिश कपास व बाजरा की फसल के लिए बेहद लाभदायक है l इस बरसात से बाजरा व कपास की फसल में अच्छी ग्रोथ होगीl साथ ही जो किसान बाजरे की बिजाई नहीं कर सके, वह मूंग की फसल भी बिजाई कर सकते हैं l

मूंग की फसल 60 दिन में पकने के साथ ही सरकार की ओर से 4 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है l इस बार जिले में 40 हजार हेक्टेयर में बाजरा और 10 हजार हेक्टेयर में कपास की बिजाई की गई है।

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