रेवाड़ी रेप केस में पुलिस पर सवाल:कोर्ट से नहीं मांगा हेड कॉन्स्टेबल और उसके साथियों का रिमांड, क्या महज 24 घंटे में जोड़ ली सारी कड़ियां?

रेवाड़ी7 महीने पहले
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हरियाणा के रेवाड़ी में हेड कॉन्स्टेबल द्वारा 2 साथियों के साथ मिलकर लड़कियों से रेप करने के मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। पुलिस ने रेप के मुख्य आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अनिल, होमगार्ड जितेंद्र और उनके तीसरे साथी धर्मेंद्र को शनिवार शाम 4 बजे मीडिया से बचाते हुए अदालत में पेश किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के रिमांड की मांग नहीं की इसलिए कोर्ट ने उन्हें गुरुग्राम जिले की भोंडसी जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने तीनों आरोपियों का मेडिकल गुपचुप तरीके से करवा लिया।

पुलिस ने रेवाड़ी के मॉडल टाउन थाने में तैनात आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अनिल, होमगार्ड जितेंद्र व उनके तीसरे साथी को शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया था। कानूनी जानकारों के मुताबिक रिमांड न मांगने का मतलब है कि आरोपियों से पूछताछ पूरी हो चुकी है और पुलिस ने केस की सारी कड़ियां जोड़ ली हैं। मसलन आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल प्राइवेट गाड़ी बरामद की जा चुकी है, होटल स्टाफ से आरोपियों की शिनाख्त करवाई जा चुकी है।

रेप जैसे संगीन अपराध में तीन-तीन आरोपियों से महज 24 घंटे में पूछताछ पूरी कर लेने वाली रेवाड़ी पुलिस की भूमिका इसलिए भी सवालों के घेरे में है क्योंकि उसका कोई अधिकारी इस मुद्दे पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। पुलिस अधिकारी यह भी नहीं बता रहे कि इस केस में किस आरोपी का क्या रोल रहा?

पुलिस ने 18 घंटे दबाए रखा मामला

रेवाड़ी के ही एक स्पा सेंटर में काम करने वाली वेस्ट बंगाल की दो लड़कियों की ओर से दर्ज करवाए गए केस के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल अनिल, होमगार्ड जितेंद्र और उनके साथी धर्मेंद्र ने गुरुवार रात उनके साथ रेप किया। लड़कियों ने गुरुवार रात ही इसकी शिकायत रेवाड़ी के मॉडल टाउन थाने में दे दी थी मगर रेप का आरोपी पुलिसवाला होने की वजह से 18 घंटे तक इस मामले की किसी को भनक नहीं लगने दी गई। शुक्रवार शाम जैसे ही घटना की जानकारी मीडिया को मिली, पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। रेवाड़ी के एसपी राजेश कुमार ने हेड कॉन्स्टेबल अनिल को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को लिख दिया।

देर रात तक थाने में रहे DSP

शुक्रवार रातभर रेवाड़ी के DSP मोहम्मद जमाल खान थाने में रहकर इस केस की जांच करते रहे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित लड़कियों के साथ-साथ आरोपियों से भी पूछताछ की। डीएसपी ने ही बताया कि शुरुआती पूछताछ में लड़कियों ने दो लोगों पर रेप का आरोप लगाया है।

शराब में धुत होकर किया हंगामा

इससे पहले इसी केस में शनिवार को खुलासा हुआ कि रेप का मुख्य आरोपी पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल अनिल वारदात के समय नशे में धुत था। नशे में ही वह होमगार्ड जितेंद्र और अपने दोस्त धर्मेंद्र के साथ पुलिस PCR वैन में इन लड़कियों के घर पहुंचा और उन्हें वैन में बैठाकर ले गया। PCR वैन देखकर कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने भी आपत्ति नहीं की।

सूत्रों के मुताबिक, रेप का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जिस समय हेड कॉन्स्टेबल अनिल को गिरफ्तार किया, उस समय भी वह शराब के नशे में धुत था। वह काफी देर तक हंगामा करते हुए पुलिसवालों के साथ ही उलझता रहा। पुलिस अब हेड कॉन्स्टेबल अनिल की कुंडली खंगालने में लगी है।

स्पा सेंटर में काम करती हैं लड़कियां
दुष्कर्म का शिकार हुईं दोनों लड़कियां रेवाड़ी के ही एक स्पा सेंटर में काम करती हैं और हुडा बाइपास स्थित एक टाउनशिप में कमरा किराए पर लेकर रहती हैं। रेवाड़ी के मॉडल टाउन थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल अनिल गुरुवार रात जितेंद्र और धर्मेंद्र के साथ पुलिस PCR वैन में लड़कियों के कमरे पर पहुंचा और उन्हें अपने साथ बैठाकर ले गया।

टाउनशिप से निकलने के बाद हेड कॉन्स्टेबल अनिल ने दोनों लड़कियों को PCR वैन से उतारकर धर्मेंद्र की गाड़ी में बैठाया और एक होटल में ले गया। वहां आरोपियों ने दोनों लड़कियों से दुष्कर्म किया। लड़कियों ने किसी तरह वारदात की जानकारी स्पा सेंटर के मालिक को दी, जिसने पुलिस में शिकायत दी।

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