शिक्षक की सीएम से गुहार:शिकायतों पर कार्रवाई नहीं, त्याग पत्र दिया तो स्वीकृति पत्र भी नहीं दे रहे

रेवाड़ी2 महीने पहले
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  • रेवाड़ी के पीजीटी डॉ. पंकज की नूंह के तुसैनी स्कूल में थी तैनाती

नूंह जिला के पुन्हाना खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तुसैनी में कार्यरत रेवाड़ी के शिक्षक डॉ. पंकज ने स्टाफ के दुर्व्यवहार और शिक्षा अधिकारियों के रवैये से तंग आकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय को त्याग पत्र का 1 माह का नोटिस भेजा है। शिक्षक के आरोप है कि नोटिस अवधि पूरी होने के बावजूद भी निदेशालय की ओर से त्यागपत्र का स्वीकृति पत्र जारी नहीं किया जा रहा।

उन्होंने सीएम मनोहर लाल खट्‌टर को पत्र भेजकर स्वीकृति पत्र दिलाए जाने की मांग की है। शहर के मोहल्ला आनंद नगर निवासी शिक्षक डॉ. पंकज ने अपनी शिकायत में बताया कि वे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तुसैनी में सितंबर 2019 से अब तक कार्यरत थे। शिक्षक ने आरोप लगाए कि उस समय पीजीटी ज्योग्राफी और एसएमएसी चेयरमैन ने उन्हें तंग करना शुरू कर दिया।

इस बारे में लिखित शिकायत अक्टूबर 2020 को बीईओ ऑफिस पुन्हाना व उपायुक्त को भेजी। नवंबर 2020 में डीएसई पंचकूला तथा ऑनलाइन पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई। इसमें उक्त लोगों पर धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने तथा नौकरी से निकलवाने के आरोप लगाए थे। मगर विभाग और पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

सीएम विंडो व पब्लिक ग्रीवेंस पोर्टल पर भेजी शिकायतों पर भी एक्शन नहीं हुआ। आरोप है कि तत्कालीन डीईओ ने तो बीईओ ऑफिस से रिलीविंग लेकर डीईओ ऑफिस में चपरासी बनने तक के लिए कहा। बेहज्जत करते हुए जॉब से रिजाइन के लिए कहा। परेशान होकर तथा जान को खतरा बताते हुए अक्टूबर 2020 से ही डॉ. पंकज ने स्कूल जाना छोड़ दिया।

इस बीच अक्टूबर 2020 की जांच किसी दूसरे स्कूल के प्रिंसिपल से जनवरी 20201 में करा दी गई, जबकि डॉ. पंकज को जांच में शामिल तक नहीं किया गया। इसका पता आरटीआई से लगा, जिसमें ये कहकर शिकायत को बंद कर दिया गया कि शिक्षक अपने तबादले के लिए शिकायतें कर रहा है। इन्हीं के आधार पर पुलिस ने भी शिकायत बंद कर दी।

हर तरफ से निराशा हाथ लगने पर शिक्षक ने अब 6 अक्टूबर 2021 को निदेशालय को त्याग पत्र का नोटिस भेज दिया। डॉ. पंकज ने बताया कि नियमानुसार त्याग पत्र के लिए 1 महीने का नोटिस देना होता है, इसके बाद विभाग स्वीकृत पत्र जारी कर देता है। जबकि उनके मामले में 2 महीने हो चुके हैं तथा अब तक त्याग पत्र का स्वीकृति पत्र जारी नहीं किया गया है। जो कि नियमों का सरासर उल्लंघन है। इसलिए सीएम को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि उन्हें ऐसी व्यवस्था में काम नहीं करना। इसलिए उनका त्याग पत्र का स्वीकृति पत्र जल्द से जल्द दिलवाया जाए।

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