रोग लगने की संभावना:कपास में उखेड़ा होने पर किसान रसायन का छिड़काव कर 24 घंटे में करें उपचार

गोद-बलाहा2 महीने पहले
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  • कृषि विभाग के अनुसार उखेड़ा जमीनी संरचनाओं से होने वाला रोग

खरीफ सीजन में अधिक बारिश व जलभराव से इन दिनों कपास में पैराविल्ट या उखेड़ा रोग लगने की संभावना है। कपास फसल में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर किसान 24 से 48 घंटे के अंदर रसायन का छिड़काव कर कपास को बचा सकते हैं।

कृषि विभाग के अनुसार उखेड़ा जमीनी संरचनाओं से होने वाला रोग है। इसे पैराविल्ट या पैरा विगलन भी कहा जाता है। यह रोग किसी तरह के कवक या बैक्टीरिया से नहीं होता है। अत्यधिक बारिश से जलभराव से पौधा एकदम से मुरझा कर नष्ट होने लगता है। ऐसी स्थिति में किसान खेत से पानी की निकासी की तुरंत व्यवस्था कर इसका उपचार करें।

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