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  • If The Last Journey Also Passes Through Dirty Water, Then The System Is Dead! This Happened Several Times In 6 Years In Adarshnagar; Now The Sewer Line Will Change On The Strictness Of The Court

सीवर ओवरफ्लो और सिस्टम स्लो:अंतिम यात्रा भी गंदे पानी से गुजरे तो मानिए सिस्टम मर चुका! आदर्शनगर में 6 साल में ऐसा कई बार हुआ; कोर्ट की सख्ती पर अब बदलेगी सीवर लाइन

रेवाड़ी2 महीने पहले
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शहर के आदर्शनगर में अंतिम यात्रा के दौरान दूषित पानी से गुजरते लोग (फाइल फोटो)। - Dainik Bhaskar
शहर के आदर्शनगर में अंतिम यात्रा के दौरान दूषित पानी से गुजरते लोग (फाइल फोटो)।
  • सालों से सड़क पर जमा हो रहा पानी, कोई सुनने वाला नहीं

शहर का आदर्शनगर, यहां करीब 6 साल से सीवर का दूषित पानी रास्ते में जमा हो रहा है। लोग इसी पानी से होकर गुजरते हैं। परेशानी की हद ये थी कि किसी का निधन हो जाने पर श्मशान तक अंतिम यात्रा को भी यहीं से होकर ले जाना मजबूरी बना हुआ था।

कई बार अर्थी को कंधा देने वाले लोग पानी में चलते हुए नजर आए, मगर जनस्वास्थ्य विभाग नई लाइन का काम नगर परिषद को बताकर तथा नगर परिषद प्रस्ताव भेजे जाने की बात कहकर काम को टरकाते आ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कानूनी लड़ाई से आखिर अपने अधिकार का रास्ता साफ कराने का हक ले लिया।

जिस काम को लंबे समय से लटकाया हुआ था, उस पर पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट ने अधिकारियों से 7 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी तो सुनवाई के तुरंत बाद ही काम भी शुरू हो गया। नगर परिषद ने नई लाइन बिछाने के लिए खुदाई का काम चालू कर दिया है। उम्मीद है कि बदहाली की यह तस्वीर दोबारा नजर नहीं आएगी।

2019 से चल रहा था केस, कोविड के चलते नहीं हो पाई थी सुनवाई

शहर के डबल फाटक के उस पार बसे आदर्श नगर में सीवरे ओवरफ्लो की समस्या गंभीर बनी हुई थी। स्थानीय निवासी देवेंद्र कुमार ने अधिवक्ता कुसुमलता (जो अब नगर पार्षद भी हैं) के माध्यम से वर्ष 2019 में पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट में यह मामला गया, मगर कोविड-19 का प्रभाव शुरू होने के चलते कोर्ट की कार्रवाई भी प्रभावित रही। बहुत बार सुनवाई नहीं हो सकी।

अधिवक्ता कुसुमलता ने बताया कि करीब 200 मीटर की सड़क पर पानी भरा रहता है। पिछले 6-7 सालों से ही यह समस्या बनी हुई थी। दरअसल जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब एक दशक पहले पाइप लाइन डाली थी, मगर कुछ ही समय बाद यह ओवरफ्लो होनी शुरू हो गई थी। सीवर ओवरफ्लो की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को लिखित में शिकायत दी। लोगों ने एकत्रित होकर रोष भी प्रकट किया, मगर कोई हल नहीं निकला।

5 अक्टूबर को कोर्ट में देना है जवाब

मंगलवार को यूटिलिटी कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई। इसमें याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट कुसुमलता व नगर परिषद की तरफ से अधिवक्ता कमल निंबल पेश हुए। इसमें कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 7 दिन के अंदर इस समस्या के समाधान के आदेश दिए।

साथ ही नगर परिषद ईओ और जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में उपस्थित होने के भी आदेश दिए गए हैं। इस मामले में अब अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। इसमें अधिकारी प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करेंगे।

जानिए, अमरूत योजना के तहत बिछेंगी लाइन

जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि अब सीवर लाइन डालने का काम पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा नहीं किया जाएगा, बल्कि ये सभी काम अमरूत योजना में होंगे। यह काम सरकार ने नगर परिषद के जिम्मे सौंपा है। यानी नई लाइन बिछाने का काम योजना के तहत नप करेगी। इसी के लिए सरकार बजट जारी करती है।

सालों की परेशानी, फिर 1 ही दिन में हो गई खुदाई

स्थानीय लोगों का कहना है कि गली में यह समस्या सालों पुरानी है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा इसमें 8 इंजी (200 एमएम) की पाइप लाइन डाली हुई थी, जो कि कारगर नहीं हो पाई थी। कई बार अधिकारियों से इसे बदलने की मांग की, मगर सालों से मामला पेंडिंग रहा। बुधवार को सुनवाई हुई तो दूसरी ओर नगर परिषद ने काम भी शुरू करा दिया। खुदाई का काफी काम कर भी लिया गया। अधिकारियों का तर्क है कि प्रस्ताव बनाकर भेजा हुआ था। अप्रूवल का इंतजार और कोविड में काम बाधित रहा।

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