हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन:स्टेट कैरिज पॉलिसी में बदलाव के लिए सौंपा ज्ञापन, उक्त पॉलिसी के तहत दिए गए परमिटों को रद्द किए जाने की मांग

रेवाड़ीएक महीने पहले
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मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते रोडवेज कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते रोडवेज कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी।

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन की जिला इकाई के पदाधिकारियों ने सोमवार को जीएम नवीन शर्मा को स्टेट कैरिज पॉलिसी में बदलाव सहित अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्ष 2016 की पॉलिसी के तहत दिए गए परमिटों को रद्द किए जाने की मांग की गई।

यूनियन के चेयरमैन नरेंद्र दखौरा, प्रधान छवि कुमार, रवि कुमार, रविंद्र झाड़ौदा, प्रवीण कुमार और अमित कुमार सहित अन्य ने सौंपे ज्ञापन में बताया कि रोडवेज के बेड़े में सरकार बसों की संख्या को बढ़ाकर नियमित भर्तियां करे। उन्होंने कहा कि रोडवेज की एक बस से सरकार को 40 हजार रुपए तक का टैक्स मिलता है जबकि सोसायटी की बसों से महज 12 हजार रुपए का टैक्स मिलता है।

वर्ष 2017 में हुई मीटिंग में सरकार द्वारा वर्ष 2016 की पॉलिसी को रद्द करने पर सहमत हो गई थी इसके बाद भी इस नियम के तहत सोसायटियों को परमिट दिए जा रहे हैं। यह सीधे तौर पर सरकार द्वारा की जा रही वादाखिलाफी है। परिवहन समितियां की बसें ग्रामीण रूटों की बजाय दूसरे लाभ वाले रूटों पर चल रही है जबकि जिन गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है। सरकार द्वारा तय 42 श्रेणी को भी सोसायटी की बसों में भी निशुल्क यात्रा का लाभ सुनिश्चित किया जाए। पंचायतों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर अमल करके उन रूटों पर रोडवेज बसों का संचालन किया जाए।

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