टीकरी बॉर्डर पर कल 7 एकड़ में महापंचायत:किसान आंदोलन का एक साल पूरा होने पर पंजाब से पहुंच रहे किसानों के जत्थे, SKM नेता आएंगे

बहादुरगढ़2 महीने पहले
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बहादुरगढ़ के सेक्टर-13 में महापंचायत के लिए तैयार किया गया मंच। - Dainik Bhaskar
बहादुरगढ़ के सेक्टर-13 में महापंचायत के लिए तैयार किया गया मंच।

किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर 26 नवंबर को टीकरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसानों को जुटाने की तैयारी कर ली है। इस दिन टीकरी बॉर्डर से कुछ दूरी पर सेक्टर-13 में भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्राहां) की तरफ से 7 एकड़ में बड़ी महापंचायत करने का निर्णय लिया गया है।

महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के तमाम बड़े नेताओं को बुलाया गया है। इतना ही नहीं गुरुवार को पंजाब से बड़ी संख्या में किसानों के जत्थे टीकरी बॉर्डर पर पहुंचेंगे। महापंचायत की तैयारियां जोरो पर चल रही है। किसान नेताओं का कहना है कि तीन कृषि कानून रद्द होकर कॉपी मिलने पर ही उन्हें यकीन होगा।

बीकेयू एकता (उग्राहा) के कार्यकारी प्रधान जसविंदर ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि टीकरी बॉर्डर पर एक साल पूरा होने पर बड़ी किसान महापंचायत की जा रही है। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के नेता भी शामिल होंगे। जसविंदर ने कहा कि जब तक सभी मांग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन चलेगा। उन्होंने सरकार से एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की मांग की।

इस महापंचायत में किसान नेता जोगेंद्र उग्राहा मुख्य वक्ता होंगे। जोगेंद्र उग्राहा ने बताया कि बहादुरगढ़ के सेक्टर-13 में 7 एकड़ जमीन पर किसानों ने इसकी व्यवस्था की है। पंजाब से भी हजारों किसान पहुंचेंगे।

महापंचायत में पहुंच रहे किसान।
महापंचायत में पहुंच रहे किसान।

सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर मनेगी आंदोलन की सालगिरह
19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के साथ ही 24 नवंबर को इन कानूनों की वापसी पर केन्द्रीय कैबिनेट की मुहर भी लग चुकी है, लेकिन उसके बाद भी आंदोलन खत्म होने की बजाए किसानों ने दोनों बॉर्डर पर आंदोलन की सालहगिरह मनाने का ऐलान कर दिया है।

इसकी वजह है एमएसपी पर गारंटी कानून और अन्य तमाम मुद्दे। संयुक्त किसान मोर्चा एक बार फिर 26 नवंबर को बड़ी संख्या में किसानों को जुटाकर सरकार को अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करेगा।

टेंट पहले की तरह भरे नजर आने लगे
एक सप्ताह पहले तक टीकरी बॉर्डर पर किसानों के टेंट तो कई किलोमीटर में गड़े नजर आ रहे थे, लेकिन किसानों की संख्या बहुत कम थी। अब टेंटों में फिर से किसानों की भीड़ बढ़ने लगी है। हर दिन दर्जनों किसानों के जत्थे पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों से टीकरी बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं।

किसान नए कृषि कानूनों की वापसी पर जहां खुश नजर आ रहे हैं, वहीं एमएसपी गारंटी कानून की मांग को भी जोर-शोर से उठा रहे हैं। इस बार पहले से ज्यादा शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश है।

दिल्ली और हरियाणा पुलिस अलर्ट
संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद सत्र शुरू होने पर 29 नवंबर से हर दिन 500 किसानों के साथ संसद तक ट्रैक्टर मार्च करने का कार्यक्रम तय किया हुआ है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में किसानों की बड़ी भीड़ जुटाने का दावा किया है। इसको देखते हुए दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा पुलिस भी अलर्ट हो चुकी है। चूंकि एक माह पहले ही किसान संगठनों के साथ बातचीत के बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से टीकरी बॉर्डर पर की गई भारी-भरकम बैरिकेडिंग हट चुकी है।

अब सिर्फ एक लेयर ही बैरिकेडिंग है। साथ ही टीकरी बॉर्डर पर पैदल, दोपहिया वाहन और एंबुलेंस के लिए 4 फीट तक का रास्ता भी खुला हुआ है। मंगलवार को टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस के कुछ अफसर किसानों के आगामी कार्यक्रम की रणनीति को लेकर उनके बातचीत करने के लिए भी पहुंचे थे। करीब 2 घंटे तक किसान नेताओं को और दिल्ली पुलिस के बीच बैठक चली। हालांकि बैठक के बाद बताया गया कि यह रूटीन चर्चा थी।

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