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वैक्सीन स्टॉक खत्म:नई डोज भी अलॉट नहीं, आज 18+ को सिर्फ सिविल अस्पताल में ही लगेंगे टीके

रेवाड़ी19 दिन पहले
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धारूहेड़ा की औद्योगिक इकाई में वैक्सीन लगवाते हुए। - Dainik Bhaskar
धारूहेड़ा की औद्योगिक इकाई में वैक्सीन लगवाते हुए।
  • 18 प्लस के लिए सप्ताहभर से नहीं मिली हैं डोज

वैक्सीन की कमी से आखिर 18 प्लस आयुवर्ग में टीकाकरण बंद होने की नौबत आ गई है। कुछ ही डोज बाकी हैं, इसलिए रविवार को सिर्फ सिविल अस्पताल में टीके लगाए जाएंगे। समस्या ये है कि नई डोज भी अलॉट नहीं हो पाई हैं। ऐसे में समस्या ये है कि सोमवार को भी टीकाकरण हो पाएगा या नहीं ये कहना मुश्किल है।

कोरोना वैक्सीनेशन 16 जनवरी से चल रहा है। शुरूआत में डोज भी पर्याप्त मिल रही थी, जिससे हर दिन 25-25 केंद्रों पर टीके लगे थे, लेकिन अब किस्तों में मिल रही डोज टीकाकरण की रफ्तार को रोक दिया है। 18 प्लस के टीकाकरण के लिए तो एक सप्ताह पहले वैक्सीन मिली थी, उसके बाद से डोज ही अलॉट नहीं हुई। ऐसे में न तो केंद्र बढ़ पा रहे और न ही स्लॉट बढ़ाए जा रहे।

हाल ये है कि पिछले 5 दिन से तो 5-7 केंद्रों पर ही टीके लगाकर ये भी दिखाया जा रहा कि टीकाकरण जारी है। मगर सभी सेंटर्स पर टीके लगते तो वैक्सीन अब से पहले ही खत्म हो जाती। ऐसे में अब युवाओं को स्लॉट सिस्टम से कुछ राहत मिली तो वैक्सीन की कमी ने परेशानी बढ़ा दी है।

फिलहाल जिले में 18 प्लस के लिए वैक्सीन का स्टॉक भी लगभग खत्म है। इसलिए ही रविवार को सिर्फ सिविल अस्पताल में ही टीकाकरण हो पाएगा। जबकि 45 प्लस के लिए फिलहाल डोज उपलब्ध है। शनिवार को भी कोवैक्सीन की 2500 डोज मिली है। इस वजह से 30 मई को 12 केंद्रों पर टीके लगाए जाएंगे।

45 प्लस आयुवर्ग के भी केंद्र घट रहे, आज 12 केंद्रों पर टीकाकरण

18 प्लस में कम होते गए सेंटर

जिले में 18 प्लस के लिए 2 मई को टीकाकरण शुरू हुआ था। पहले दो दिन स्लॉट सिस्टम में भी परेशानी नहीं रही, लेकिन उसके बाद लगातार ये स्थिति बनी कि रजिस्ट्रेशन खुलते ही सिर्फ कुछ सेकंड में ही स्लॉट फुल हो जाते। काेराेना के डर ने वैक्सीन काे लेकर ऐसा विश्वास जताया कि अब वैक्सीन कम है और लगवाने वाले ज्यादा हैं।

युवाओं में वैक्सीन काे लेकर ऐसा जुनून था कि 20 से 35 किलाेमीटर दूर जहां भी सेंटर मिलता, वहां जाते और वैक्सीन लगवाते। लेकिन अब टीके लगाने के लिए जिले को वैक्सीन नहीं मिल रही है। शुरूआत में जब डोज की मात्रा ज्यादा थी, तब 23-23 तक सेंटर बने। स्पेशल कैंप भी लगाए गए। दो-तीन बार तो 35 तक भी सेंटर पहुंचे, लेकिन अब डोज उपलब्ध नहीं हो रही हैं।

इस कारण सेंटरों की संख्या भी कम होकर सिर्फ 5 या 6 पर सिमट गई है। इस कारण युवाओं को डोज लगवाने में भी परेशानी हो रही है। रजिस्ट्रेशन तो आसानी से हो रहा है, लेकिन अपॉइंटमेंट नहीं मिल रहे। रविवार को तो एक ही केंद्र बना है।

आज इन केंद्रों पर लगेंगे टीके

जिले में रविवार को 18 प्लस में सिविल अस्पताल में टीकाकरण होगा, जबकि 45 प्लस में नाहड़, बासदुदा, बावल, जीएच रेवाड़ी, धारूहेड़ा, फतेहपुरी, गुरावड़ा, जाटूसाना, खोल, मसानी, गुडियानी व कसौला केंद्र पर टीके लगाए जाएंगे।

हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर अब पहुंच रहे टीका लगवाने

वैक्सीनेशन की शुरूआत जनवरी से हुई थी। सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर और फिर फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाई गई। उस समय कईयों ने मजबूरी में तो किसी ने जानबूझकर टीके नहीं लगवाए। जो वर्कर्स बच गए, वे भी टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। इसके बाद 60 साल से अधिक और 45 से 60 साल के लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ, जो अब तक चल रहा है। अब टीके की डिमांड अचानक बढ़ जाने से स्टॉक में भी टीके उपलब्ध नहीं है।

दिव्यांगों व असमर्थ लोगों को टीके लगाने को चलेगा विशेष अभियान

जिले में आगामी सोमवार से 18 और 45 वर्ष से अधिक उम्र के दिव्यांगों या अधिक उम्र होने की वजह से टीकाकरण स्थल पर ना पहुंचने वाले लोगों की सुविधा के लिए एक अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा सके।

डीसी यशेंद्र सिंह ने बताया कि इस उद्देश्य के लिए इमरजेंसी रेस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) वाहनों के माध्यम से ऐसे सभी व्यक्तियों को टीकाकरण स्थान पर लाया जाएगा और उनका टीकाकरण करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बारे में सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए और कहा गया है कि हमें सभी दिव्यांग (18 वर्ष से अधिक आयु) और उन सभी (45 वर्ष से अधिक आयु) के लोगों तक पहुंचना है जो किसी भी विकलांगता, अधिक उम्र के चलते या किसी अन्य कारण से टीकाकरण के लिए नहीं आ सकते हैं।

डायल-112 के तहत जिला में प्रदान किए गए ईआरएसएस वाहनों का उपयोग किया जाएगा, ताकि ऐसे जरूरतमंद लोगों को शिविर स्थल तक पहुंचाया जा सके और उन्हें घर भी वापस छोड़ा जा सके। इस कार्य का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि यह कमजोर वर्ग स्वयं को वंचित न महसूस करें। इसके अलावा ऐसे लोगों के आने-जाने व अन्य सहायता के साथ जल्द से जल्द टीकाकरण करने का विशेष प्रयास भी हो सके।

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