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त्योहारी सीजन में कारोबार की चिंता:मुख्य बाजार के नाले-फुटपाथ का काम शुरू करने की तैयारी, व्यापारी बोले - पहले क्यों नहीं बनाए? अब दिवाली के बाद बनाएं

रेवाड़ी19 दिन पहले
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प्रथम नवरात्र पर शहर के बाजारों में लगा रहा जाम। - Dainik Bhaskar
प्रथम नवरात्र पर शहर के बाजारों में लगा रहा जाम।
  • कोरोना में खूब नुकसान झेल चुका है बाजार

कोरोना काल की मंदी झेलता आ रहा बाजार अब दूसरी समस्याओं से कारोबार बाधित होने के हालात झेलने की स्थिति में नहीं है। इसलिए नगर परिषद द्वारा मुख्य बाजार के नाले और फुटपाथ का निर्माण शुरू करने को लेकर की जा रही तैयारी से पहले ही व्यापारियों ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी है। व्यापारी संगठनों ने सवाल उठाए हैं कि ये काम 1-2 माह पहले ही क्यों नहीं कर लिया गया? अब त्योहारी सीजन होने के चलते कारोबार प्रभावित होगा।

व्यापारियों ने मांग की है कि अब दिवाली के बाद ही काम शुरू किया जाए। हालांकि सड़क का निर्माण तो फिलहाल बाद में करने की ही बात कही जा रही है, मगर नाले और फुटपाथ भी दुकानों के आगे ही बनाए जाने हैं, इसलिए व्यापारी चिंतित हैं। इधर, अतिक्रमण को लेकर नगर परिषद द्वारा कोई व्यवस्था नहीं बनाए जाने से भी व्यापारी नाराज हैं।

बाजार में रेहडियां बड़ी समस्या है, जो कि कोरोना काल के बाद अचानक से बहुत अधिक संख्या में हो गई हैं। जिला प्रशासन इन रेहडियों को सही स्थान पर शिफ्ट करने के नाम पर कागजी खानापूर्ति ही करता आ रहा है। इससे त्योहारों के मौकों पर बाजारों में जाम के नाम पर शोर मचता है।

व्यापार प्रभावित होगा, बाद में करें निर्माण : धीरज शर्मा

नगर पार्षद एवं भाड़ावास गेट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान धीरज शर्मा का कहना है कि हमने नगर परिषद हाउस की बैठक के दौरान इस मुद्दा पर बात की थी। उसमें सड़क निर्माण बाद में किए जाने की बात कही थी। अब यदि नाले और फुटपाथ का भी काम शुरू किया जाता है तो भी निश्चित तौर पर आवागमन बाधित होने से व्यापार पर असर पड़ेगा। ये काम पहले करना चाहिए था। इसलिए सड़क के साथ नाले व फुटपाथ का काम भी दिवाली के बाद ही करना चाहिए।

नवरात्र पर ही जाम, आगे तो दिक्कत बढ़ेगी

अरनेजा : मोती चौक व्यापार मंडल के पूर्व प्रधान एवं संयुक्त व्यापार संगठन सदस्य अनिल अरनेजा का कहना है कि नवरात्र से ही बाजारों में जाम लगना शुरू हो गया है। दिवाली के बाद शादी सीजन में भी बाजार में ग्राहक अधिक आते हैं। इसलिए फिलहाल निर्माण शुरू करने की बजाय बाद में ही करें। इस बारे में अन्य व्यापारियों से मीटिंग कर नप प्रधान व अधिकारियों से भी बात करेंगे। जाम रोकने के लिए रेहडियों को लेकर भी व्यवस्था बनाने की जरूरत है।

बाजार में परेशानी को ध्यान में रखकर काम

अध्यक्ष बाजार की तमाम परेशानियों को देखते हुए ही निर्णय लिया गया कि सड़क का निर्माण कार्य फिलहाल शुरू नहीं किया जाए तथा नाले व फुटपाथ बनाए जाएं। इसके लिए टेंडर अलॉट किए जा रहे हैं। व्यापारियों को शिकायत है तो इस पर भी विचार किया जाएगा। वहीं, बजाजा बाजार की सड़क को लेकर कुछ लोग बेवजह सवाल उठा रहे हैं। पूरी मॉनिटरिंग के साथ काम कराए जा रहे हैं। - पूनम यादव, अध्यक्ष, नगर परिषद।

जल्दबाजी में सड़क बनी तो गुणवत्ता घटेगी, बजाजा-बाजार में इसीलिए शोर: 8-10 दिन लगाकार यदि दिवाली से पहले सड़क का निर्माण जल्दबाजी में कराया भी जाता है तो गुणवत्ता पर सवाल उठेंगे। बजाजा बाजार में बन रही सड़क बड़ा उदाहरण है। वहां एक दिन पहले ही निर्माण देखने के लिए पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव बाजार में पहुंचे थे।

यादव ने आरोप लगाए कि यहां बन रही सडक में काफी अनियमितताएं हैं। नगर परिषद के टेंडर में लिखा हुआ है कि सड़क का निमार्ण आरसीएम से होगा, लेकिन मजदूर कस्सी लेकर स्वयं ही काम कर रहे हैं और वाइब्रेटर का भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इससे सड़कें जल्द टूट जाएंगी।

प्रोजेक्ट : नाले-फुटपाथ व सड़क बनेगी, 1.46 करोड़ रु. खर्च होंगे

शहर के मुख्य बाजार की सीसी रोड टूटकर बिखर चुकी है। इसमें जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। इससे आवागमन में लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। पिछले दिनों नगर परिषद ने कई सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की तथा शिलान्यास समारोह भी हो चुका है।

इसमें सरकुलर रोड के एक छोर पर अग्रसेन चौक से मुख्य बाजार के बीचों-बीच गुजर रही सड़क सरकुलर रोड के दूसरे छोर झज्जर चौक तक बनाई जाएगी। इस पर करीब 1.46 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रोड के साथ नालों और फुटपाथ का भी काम होना है।

जाम भी समस्या... रेहडियां बढ़ी, वेंडिंग जोन हैं नहीं

सरकार की योजना के मुताबिक शहर के बाजारों को जाम मुक्त रखने के लिए वेंडिंग जोन बनाएं जाएं, ताकि रेहडियों को लगाने की जगह मिल सके तथा बाजार से रेहडियां हटने से जाम ना लगे। इससे रेहडी वेंडरों का रोजगार भी नहीं छिनेगा। लेकिन जिला प्रशासन वेंडिंग जोन बनाने में नाकाम रहा है।

वेंडिंग जोन के नाम पर अधिकारी हमेशा से ही लीपापोती करते आ रहा हैं। मुख्यालय से रिपोर्ट मांगी जाती है तो नगर परिषद व प्रशासनिक अधिकारी बैठक कर कागजी कार्रवाई पूरी कर खानापूर्ति कर लेते हैं। कोरोना काल में लोगों का रोजगार छिना तो बहुत से लोग रेहडियां लगाने लगे हैं। इसलिए बाजार में अब बड़ी संख्या में रेहडयिां लगने से रोड जाम रहता है।

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