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धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन पद का विवाद:चेयरमैन पद के 7 उम्मीदवारों ने बैठक करके कहा-हाईकोर्ट में लगाएंगे रिव्यू पिटीशन, 2 दिन पहले ही लगाई थी अदालत ने उपचुनाव पर रोक

रेवाड़ी9 दिन पहले
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रेवाड़ी के धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन पद के लिए एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एक तरह हाईकोर्ट के फैसले के बाद कंवर सिंह के समर्थक उन्हें जीता हुआ उम्मीदवार मान रहे है, तो दूसरी तरफ चुनावी मैदान में हाथ अजमाने वाले उम्मीदवार हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब रिव्यू पिटीशन डालने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ 13 सितंबर को हाईकोर्ट में एक बार फिर इसी मसले पर सुनवाई होनी है] जिसमें कंवर सिंह मामले की स्थिति बिल्कुल स्पष्ट हो जाएगी।

रविवार को चुनाव लड़ने वाले 7 उम्मीदवारों ने धारूहेड़ा के टूरिस्ट कांप्लेक्स में बैठक की। बैठक में हाईकोर्ट के फैसले पर चर्चा की गई। निर्दलीय उम्मीदवार व कंवर सिंह मामले में शिकायतकर्ता संदीप बोहरा ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले से वे सभी हैरान हैं, क्योंकि जांच में सबकुछ क्लीयर हो गया था। दूसरे पक्ष को सुने बगैर फैसला आया है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन डाली जाएगी। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे। रोचक बात यह है कि इस मीटिंग में वो सब चेहरे मौजूद थे, जिनके बीच कड़ा मुकाबला था और चुनावी प्रचार के दौरान एक-दूसरे पर तीखा हमला बोल रहे थे। इस बैठक में भाजपा-जजपा के संयुक्त उम्मीदवार राव मानसिंह, बीएसपी उम्मीदवार प्रदीप, बाबूलाल लांबा, खेमचंद सैनी, रामनिवास, दिनेश मौजूद थे।

रेवाड़ी के कस्बा धारूहेड़ा में टूरिस्ट कॉमपलेक्स में एकित्रत हुए चेयरमैन पद के उम्मीदवार।
रेवाड़ी के कस्बा धारूहेड़ा में टूरिस्ट कॉमपलेक्स में एकित्रत हुए चेयरमैन पद के उम्मीदवार।

प्रचार खत्म होते ही लग गई थी रोक
दरअसल, धारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव उप चुनाव की प्रक्रिया 27 अगस्त को शुरू हुई थी। 12 सितंबर को मतदान होना था। 10 सितंबर की शाम प्रचार खत्म होने से पहले ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला कंवर सिंह के पक्ष में आ गया। हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें चुनाव आयोग ने कंवर सिंह के सर्टिफिकेट को जांच में फर्जी पाये जाने पर 15 मार्च को शपथ लेने से पहले हटा दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद चुनाव आयोग ने भी उपचुनाव की प्रक्रिया को उसी दिन रद्द कर दिया था। ऐसे में चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवार से लेकर हर कोई हैरान रह गया। इधर शपथ से पहले ही कुर्सी गंवाने वाले कंवर सिंह खेमे में खुशी है। इसी मामले को लेकर अब 13 सितंबर को फिर से हाईकोर्ट में सुनवाई होनी हैं।

दिसंबर में कंवर सिंह को मिली थी जीत
इस बार नगर पालिका और नगर परिषद में चेयरमैन पद के लिए सीधे चुनाव हुए थे। 27 दिसंबर 2020 को हुए चुनाव में धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन पद पर कंवर सिंह ने जीत दर्ज की थी। लेकिन जीत दर्ज करने के कुछ दिन बाद ही निर्दलीय उम्मीदवार रहे संदीप बोहरा ने उनकी 10वीं की सर्टिफिकेट को लेकर शिकायत कर दी थी। बाद में डीसी के आदेश पर कोसली के तत्कालीन एसडीएम ने इस मामले की जांच की थी, जिसमें कंवर सिंह के 10वीं के सर्टिफिकेट को अवैध माना गया था। इसी जांच पर फैसला लेते हुए राज्य चुनाव आयोग ने कंवर सिंह के शपथ लेने से पहले ही 15 मार्च को उन्हें हटा दिया था। पिछले माह उपचुनाव की घोषणा हुई थी। 10 सितंबर तक उपचुनाव प्रचार से लेकर अन्य प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। 12 सितंबर को मतदान होना था, लेकिन प्रचार खत्म होने से कुछ घंटे पहले ही हाईकोर्ट से फैसले के बाद मामला पूरी तरह चेंज हो गया।

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