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असमंजस:रामलीलाओं का मंचन आज से हो जाना था शुरू मगर कोरोना में अभी तक प्रशासन से अनुमति नहीं मिली

रेवाड़ी8 महीने पहले
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दशहरे से 10 दिन पहले शुरू होने वाली प्रभू श्रीराम की लीला के मंचन पर इस बार कोरोना वायरस का ग्रहण लगा है। 25 अक्टूबर को दशहरा है। इस लिहाज से बुधवार को ही मंचन शुरू हो जाना चाहिए था, मगर रामलीला के मंचन इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जब किसी भी समिति को मंचन के लिए अनुमति नहीं मिली है। शहर में भी कई जगह बड़े स्तर पर हर साल रामलीला का मंचन होता आ रहा है। जहां बड़ी संख्या में दर्शक भी आते हैं।

इस बार इन दिनों में लोगों को रामायण की चौपाइयां सुनने का अवसर नहीं मिलेगा। हालांकि रामलीला के मंचन को लेकर कलाकार इच्छुक है। कुछ जगह रिहर्सल भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन परमिशन नहीं मिलने से अब बंद कर दी। इस बार दशानन रावण के पुतले का भी दहन नहीं होगा। अनुमति नहीं देने के पीछे प्रशासन ने गाइडलाइन नहीं मिलना कारण बताया है। एसडीएम रविंद्र यादव का कहना है कि इस बारे में उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। विचार-विमर्श के बाद ही बता पाएंगे।

श्रीराम मंदिर रेलवे ड्रामेटिक क्लब1961 से मंचन, इस बार अनुमति नहीं
क्लब के डायरेक्टर एवं सचिव का कार्यभार देख रहे केके सक्सेना का कहना है कि हमने रामलीला के मंचन के लिए 2 सितंबर को अनुमति के लिए फाइल लगाई थी। इसके बाद हमने 6 सितंबर से रिहर्सल भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन 30 सितंबर को पता लगा कि अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बाद हमने रिहर्सल भी बंद करा दी है। इस बार यह 60वां मंचन था, लेकिन इन सालों में पहली बार ऐसा हुआ कि मंचन नहीं हो रहा है। कलाकार भी इससे थोड़ा निराश है।

श्रीशिव रामलीला समिति नई अनाज मंडी 1982 से मंचन, इस बार रिहर्सल भी नहीं
समिति के महासचिव दीपक मंगला ने बताया कि हमने रामलीला के मंचन को लेकर 10 दिन पहले अनुमति के लिए फाइल लगाई थी। अभी प्रशासन से मंचन की अनुमति नहीं मिली है। अगर गाइडलाइन के अनुसार अनुमति मिलती है तो मंचन कराया जाएगा और नहीं मिलती है तो इस बार मंचन नहीं होगा। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रभू की लीला का मंचन नहीं होगा।

रावण दहन न होने से पुतले बनाने वाले कारीगर भी घाटे में
दशहरे से एक माह पहले ही शहर में दशानन रावण के पुतले बनाने का काम शुरू हो जाता था, लेकिन इस बार कोरोना संकट के चलते यह काम भी नहीं हो पाया है। शहर में सरकुलर रोड के साथ ही जगह-जगह पुतले रखे मिल जाते थे, लेकिन इस बार अभी कोई तैयारी नहीं है। इस कारण कारीगरों को भी नुकसान हुआ है। शहर में हुडा ग्राउंड पर रावण दहन कार्यक्रम होता आया है। लेकिन इस बार कार्यक्रम पर संकट है। हालांकि यदि रावण दहन होता भी है तेना अब कम समय में औपचारिकता ही होगी।

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