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एम्स प्रोजेक्ट:30 एकड़ जमीन मिली, सिर्फ 14 एकड़ और दें तो माजरा में एम्स बनना तय

रेवाड़ीएक महीने पहले
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  • 44 एकड़ की अड़चन थी, आधी से ज्यादा हल

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के लिए गांव माजरा में प्रस्तावित की जमीन के बीच में अड़चन बनी 44 एकड़ जमीन की आधी से ज्यादा समस्या हल हो गई है। इसमें से 30 एकड़ जमीन ग्रामीण सरकार को देने के लिए तैयार हो गए तथा जिला प्रशासन ने इसका ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर दिया।

अब सिर्फ 14 एकड़ जमीन बाकी है। सूत्रों के अनुसार सरकार की तरफ से ये स्पष्ट कर दिया गया था कि पूरी 44 एकड़ जमीन आते ही एम्स की प्रक्रिया सकारात्मक रूप से आगे बढ़ा दें, मगर यदि भू-मालिक पूरी जमीन नहीं दें तो पेंच फंस सकता है। इसलिए ग्रामीण भी नहीं चाहते कि इलाके से एम्स छिने।

इसलिए तेजी से जमीन देने का काम चल रहा है। यदि यह 14 एकड़ जमीन और मिल जाती है तो 225 एकड़ जमीन के बीच में कोई गैप नहीं रहेगा। एक जगह जमीन होने से एम्स बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ होगा। इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारी दिन-रात ग्रामीणों से सम्पर्क कर इसके समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

नए सिरे से बाउंड्री बनाकर भेजा जाएगा नक्शा: डीसी

डीसी यशेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सचिवालय में एम्स को लेकर राजस्व विभाग व पंचायत विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें नक्शे में प्रस्तावित जमीन के हर पहलु पर विचार विमर्श हुआ।

​​​​​​​पेचिदगियों को दूर करने के लिए एसडीएम रेवाड़ी रविन्द्र यादव, डीआरओ राजेश ख्यालिया, डीडीपीओ एचपी बंसल, नायब तहसीलदार निशा, गिरदावर राकेश, एनएसके राजकुमार व पटवारी हेमकरण लगातार 4 दिन से ग्रामीणों के बीच हैं। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेचिदगियों को जल्द दूर करें, ताकि सरकार को नए सिरे से बाउंड्री बनाकर नक्शा भेजा जा सके।

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