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सावन माह:आज से सावन... मगर भगवान के घर लॉकडाउन, इसलिए घर पर ही मिट्‌टी के शिवलिंग बनाकर करें पूजा-अर्चना

रेवाड़ीएक महीने पहले
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  • भगवान और भक्त के बीच कोरोना - पहली बार शिव मंदिरों में नहीं गूंजेंगे बम-बम के उद्घोष

सावन माह की सोमवार से शुरूआत हो जाएगी, लेकिन इस बार कोरोना वायरस महामारी के चलते भगवान के घर लॉक है। इस बार शिवालयों में बम-बम के उद्घोष भी नहीं गूजेंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को अनलॉक 2.0 के नियम फॉलो करते हुए घर पर ही सोशल डिस्टेंस के साथ पूजा-अर्चना करनी होगी। मंदिरों में पूजा करने के लिए नहीं जा सकेंगे। इसके लिए पंडितों ने भी श्रद्धालुओं को घर पर रहकर ही पूजा-अर्चना करने की सलाह दी है। पंडित दिलीप शास्त्री के अनुसार मंदिर बंद होने से श्रद्धालु घर पर ही पीली या चिकनी मिट्‌टी लेकर शिवलिंग बना सकते हैं।

फिर उस शिवलिंग को पूजा की थाली में रखकर जल, दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल, मिष्ठान्न, फूल, फल और बेलपत्र चढ़ाए जा सकते हैं। वहीं पर ही पूजा-अर्चना कर शिवलिंग को पीपल के पेड की जड़ या तुलसी के पौधे में विसर्जित कर सकते हैं। शास्त्री के अनुसार यह शिवलिंग नियमित बनाना होगा। ऐसे में इस तरह पूजा-अर्चना करने से भी भगवान शिव का आशिर्वाद प्राप्त होगा। यह प्राचीन पद्धति भी है। मिट्‌टी के शिवलिंग को श्रेष्ठ माना गया है।

मान्यता : मिट्‌टी के शिवलिंग का पूजन माना गया है श्रेष्ठ

पंडित शास्त्री के अनुसार एक पुरानी किवंदती अनुसार जब रामेश्वरम की स्थापना के समय पुल का निर्माण करते समय भगवान राम ने बजरंग बली को शिवलिंग लेकर आने के लिए कहा। बताया जाता है कि शिवलिंग लाने में थोड़ी देरी होने पर मुहूर्त न निकल जाए इसलिए भगवान श्रीराम ने मिट्‌टी का शिवलिंग बनाकर पूजा-अर्चना की। उस समय से ही मिट्‌टी के शिवलिंग का महत्व है।

सोमवार का है खास महत्व : पंडित शास्त्री के अनुसार इस बार श्रावण माह 29 दिनों का है और इसमें 5 सोमवार आएंगे। शास्त्री ने बताया कि इस माह में सोमवार का दिन विशेष होता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूरे विधी-विधान से पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं। मगर इस बार घर पर ही सोशल डिस्टेंस के साथ पूजा-अर्चना करें। इस माह में 6 जुलाई के बाद दूसरा सोमवार 13 को, तीसरा 20 को, चौथा 27 को तथा पांचवां और आखिरी सोमवार तीन अगस्त को आएगा। पंडित शास्त्री के अनुसार हर सोमवार को पूजा के अलग-अलग संयोग बन रहे हैं। हर सोमवार की पूजा अलग-अलग तरह से फलदायी रहेगी। इसके अलावा श्रावण मास में ही 19 जुलाई को शिवरात्रि, 22 जुलाई को सिंधारा और 23 जुलाई को हरियाली तीज का पर्व आएगा। वहीं समापन के दिन 3 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व भी है।

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