रेवाड़ी में मकर संक्रांति पर कड़ाके की ठंड:घना कोहरा छाया; शीतलहर से छंटा तो बढ़ी ठिठुरन, गेहूं के लिए फायदा और लोगों के लिए परेशानी

4 महीने पहले
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रेवाड़ी में शुक्रवार सुबह छाया कोहरा। - Dainik Bhaskar
रेवाड़ी में शुक्रवार सुबह छाया कोहरा।

हरियाणा के रेवाड़ी शहर में शुक्रवार को मकर संक्रांति के त्योहार पर कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तड़के घना कोहरा छाया था और अब आसमान में बादल नजर आ रहे हैं। 9 बजे के बाद शीतलहर की वजह से कोहरा तो छंट गया, लेकिन कंपकंपी और ठिठुरन है। कोहरे की वजह से दिल्ली-जयपुर हाईवे-48 सहित जिले के अन्य मार्गों पर वाहन रेंगकर चलते दिखे। 15 जनवरी के बाद मौसम साफ हो सकता है, लेकिन सर्द मौसम अभी बना रहेगा। कोहरे से जरूर कुछ राहत मिल सकती है।

दरअसल, 4 दिन पहले रेवाड़ी में हुई 50MM से ज्यादा बारिश हुई थी, जिसके बाद बनी नमी और पश्चिम की तरफ से चल रही ठंडी हवाओ ने ठंडक बढ़ाई। पहाड़ों पर लगातार पड़ रही बर्फबारी से मैदानी इलाकों में और ज्यादा ठंड बढ़ी है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि शुक्रवार को 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान में भले ही बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कोहरे और शीतलहर की वजह से ठंड कम होने की बजाए बढ़ी है।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 15 जनवरी के बाद से मौसम साफ होगा। धूप भी खिलेगी, लेकिन शीतलहर के कारण ठंडक बनी रहेगी। इस सीजन में अभी तक एक बार न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु पर पहुंचा है। 19 दिसंबर को न्यूनतम तापमान -1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उसके बाद मौसम की अदला-बदली बनी रही। हालांकि बारिश के बाद फिर से मौसम ठंडा हुआ है। घना कोहरा और ठिठुरन बढ़ी है, जिससे लोगों को बचने के लिए अलाव सेकना पड़ा। कम दृश्यता भी परेशानी का सबब बनी।

रेवाड़ी में आसमान में छाए हुए बादल।
रेवाड़ी में आसमान में छाए हुए बादल।

फसलों के लिए अनुकूल
कुछ दिनों पहले हुई अच्छी बारिश और अब लगातार छा रहा कोहरा गेहूं और सरसों की फसल के लिए काफी फायदेमंद हैं। नांगल चौधरी से लेकर रेवाड़ी और गुरुग्राम तक दक्षिणी हरियाणा के तमाम जिलों में इस सीजन में गेहूं और सरसों की फसल होती है। अच्छी बारिश और कोहरे से किसानों को खेतों में सिंचाई करने की जरूरत नहीं है, जिससे बंपर पैदावार होगी। लेकिन अगर बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है तो फसलों को नुकसान भी होगा।

गुल्ली-डंडा के खेल पर असर
मकर सक्रांति पर कही पतंगबाजी तो कही गुल्ली-डंडा का खेल होता है। रेवाड़ी में हर साल इस त्योहार पर गुल्ली-डंडा का खेल खेलते हैं। लेकिन शुक्रवार सुबह से ही जबरदस्त ठंड के कारण लोग घरों में कैद हो गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज पूरा दिन मौसम इसी तरह बना रह सकता है। शनिवार को जरूर मौसम में परिर्वतन होने की संभावना है।