मर्डर:दिल्ली पुलिस में कार्यरत जवान के बेटे की हत्या, गले पर फंदे व चोट के निशान मिले

रेवाड़ीएक वर्ष पहले
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  • डहीना की ढाणी में मिला युवक का शव, घर से डीजे देखने की बात कहकर निकला था

खोल थाना क्षेत्र के गांव डहीना की ढाणी में एक 26 वर्षी युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के गले में फांसी का निशान एवं शरीर पर चोट के निशान मिलने से परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मृतक का पिता दिल्ली पुलिस में कार्यरत है, जिसकी शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा है।

पुलिस ने बताया कि गांव डहीना की ढाणी में गुरुवार सुबह गली में खड़ी एक पिकअप के पीछे युवक का शव पड़ा देखा। ढाणी में शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई जिसके बाद उसकी शिनाख्त के प्रयास किए लेकिन उस समय उसकी पहचान नहीं हो पाई। तत्पश्चात ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। हत्या की सूचना मिलने के बाद डीएसपी अमित भाटिया एवं खोल एसएचओ पवन कुमार मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त के प्रयास किए गए।

इसके बाद डहीना गांव में इसकी शव मिलने की मुनादी कराई तो दिल्ली पुलिस में कार्यरत अशोक कुमार की पत्नी मौके पर पहुंची और उन्होंने शव देखकर उसकी पहचान अपने 26 वर्षीय बेटे मम्पू के रूप में की। बेटे का शव देखकर मां भी बेसुध हो गई जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे संभाला और इसकी जानकारी मृतक के पिता सहित अन्य परिजनों को दी गई। हत्या की सूचना मिलने के बाद दिल्ली से मृतक के पिता सहित उनके रिश्तेदार भी गांव में पहुंच गए।

बुधवार रात को गया था घर से, नहीं लौटा

पुलिस को मृतक की मां ने बताया कि उसका बेटा बुधवार की रात को खाना खाने के बाद घर से बाहर निकला था। उनके टोकने पर मम्पू ने कहा कि वह डीजे देखने के बाद जल्द वापस आ जाएगा। मृतक प्रतिदिन ही इसी तरह जाता था और लौट आता था जिस पर मां ने समझा कि आ जाएगा। पुलिस ने बताया कि मृतक के गले पर रस्सियों के निशान मिले हैं और शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। घटना के बाद डीएसपी अमित भाटिया ने परिजनों से मामले को जानकारी जुटाई और मामले में जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तार का आश्वासन दिया। फिलहाल पुलिस ने पिता अशोक कुमार की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।

बेटे का शव देखकर बेसुध हुए पिता

घटना की जानकारी मिलने के बाद दोपहर लगभग 1 बजे मृतक के पिता गांव में पहुंचे और बेटे का शव देखकर फफक-फफक रो पड़े। इसके बाद उनकी हालत भी खराब हो गई जिसके बाद किसी तरह साथ आए रिश्तेदारों एवं ग्रामीणों ने उनको संभाला। नागरिक अस्पताल में पहुंचे परिजनों ने फिलहाल मृतक अपने घर पर ही रहा था और उसका छोटा भाई है जो कि दिव्यांग है। ऐसे में माता-पिता का एकमात्र सहारा ही मम्पू ही था।

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