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मिशन एडमिशन:सरकारी स्कूलों में नामांकन कम होने पर सेकेंडरी शिक्षा निदेशक की सख्ती, पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा दाखिले के दिए निर्देश

रेवाड़ीएक महीने पहले
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  • जिले में पहली कक्षा में अब तक 1800 ही दाखिले, जबकि पिछले साल थे 5 हजार से ज्यादा नामांकन

राज्य के जिलों में सरकारी स्कूलों में इस बार नामांकन कम हुए तो सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने पिछले दिनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए थे। ऐसे में शुक्रवार को फिर से वीसी हुई।

जिसमें निदेशक ने जिला शिक्षा विभाग अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि दाखिले बढ़ाने के लिए विशेष कार्य करें। इसके लिए शिक्षकों की ड्यूटियां लगाएं। हालांकि जिले में पिछले दिनों चलाए गए अभियान के बाद हर कक्षाओं में 10 फीसदी तक दाखिले बढ़े हैं।

आंगनबाड़ी वर्कर व पंचायत की भी लेंगे मदद

डिप्टी डीईओ डॉ. खुशीराम ने बताया कि जिले के स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए 10 दिन का समय मांगा है। इसे लेकर शिक्षकाें की जिम्मेदारी भी लगाई है। जहां दाखिले कम हुए, वहां विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी वर्कर व ग्राम पंचायत की भी नामांकन बढ़ाने में मदद ली जा रही है। इसके चलते अब पिछले 4-5 दिनों में ही 10 फीसदी नामांकन बढ़ गए।

हर कक्षा में दाखिले किए जा रहे हैं। दाखिले को लेकर खंड अनुसार संकुल प्रभारियों की मीटिंग भी हो रही है। जिसमें दाखिले के लिए उनको दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में भी दाखिले की प्रक्रिया चल रही है।

पहली कक्षा में अब तक 1800 ही दाखिले : जिले में भी इस बार कक्षा पहली में अब तक 1800 के लगभग नामांकन हुआ है। जबकि पिछले साल कक्षा पहली में 5 हजार से ज्यादा बच्चों के दाखिले थे। ऐसे में जिले में भी नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

कक्षा पहली से 8वीं के बच्चों के खाते में आएंगे किताबों के पैसे

इस बार कोरोना की दूसरी लहर के चलते सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से 8वीं के बच्चों तक पुस्तकें भी नहीं पहुंच पाई। ऐसे में अब पाठ्यपुस्तकों के लिए परस्पर आदान-प्रदान का ही सहारा लिया गया है। इसलिए इस बार किताबों के लिए कक्षा पहली से 8वीं के बच्चों को कक्षा अनुसार उनके खाते में पैसे पहुंचाए जाएंगे। फिलहाल जिले में कक्षा पहली से 8वीं में लगभग 35 हजार विद्यार्थी हैं।

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