पशुपालन:सर्दी में पशुओं का रखें ध्यान, शीतलहर से भी बचाएं

रेवाड़ी8 दिन पहले
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  • वेटरनरी सर्जन डॉ. पुनीत शर्मा बोले- सर्दी में पशुओं को निमोनिया होने का रहता है खतरा

सर्दी कई दिनों से तेजी से बढ़ रही है। दिनभर शीतलहर चलने से सुबह तथा शाम के समय धुंध के छाने से पशुओं की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में पशुओं का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। राजकीय पशु चिकित्सालय के वेटरनरी सर्जन डॉ. पुनीत शर्मा ने बताया कि ठंड के चलते पाला पड़ने से पशुओं के बीमार होने तथा निमोनिया होने का भी खतरा बना रहता है।

इस रोग में वायु नलिकाओं तथा फेफड़ों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण पशु को सांस लेने में कठिनाई होती है। मगर घबराने की बजाय कुछ सावधानियां बरतकर इसका समाधान किया जा सकता है।उन्होंने शीतलहर से पशुओं को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि वे रात्रि में पशुओं को बाहर खुले में न बांधे। पशु को मोटा कपड़ा कंबल या बोरा उढाएं। बहुत अधिक सर्दी होने पर आग जलाकर पशु को गर्मी दें, लेकिन कमरे का धुआं बाहर निकलने का प्रबंध रखें। पशु को ताजा और स्वच्छ जल पिलाएं हो सके तो गुनगुना जल पिलाएं।

पशुओं को गुड़ खिलाते रहना चाहिए। ओस में बाहर पड़ा हुआ हरा चारा न खिलाएं। ज्यादा सर्दी होने पर उसे रोजाना न नहलाएं। पशु को पक्के फर्श पर न बांधे। पशु को दिन के समय खुली धूप में बांधे तथा उन्हें सीधी ठंडी हवाओं से बचाएं। पशुओं के सींग पर भी कपड़ा बांधे। बछड़े-बछियों आदि को उचित मात्रा में दूध पिलाएं। समय-समय पर कृमिनाशक औषधि पिलाएं। ज्यादा समस्या होने पर हॉस्पिटल लाकर जांच करवाएं।

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