श्रीमद्भागवत कथा:श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह के प्रसंग का किया वर्णन, राधा-कृष्ण की झांकी भी निकाली

रेवाड़ीएक महीने पहले
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कंकरवाली शिव मंदिर में हुआ छठे दिन का पाठ। - Dainik Bhaskar
कंकरवाली शिव मंदिर में हुआ छठे दिन का पाठ।

शहर के कंकर वाली बगीची स्थित शिव मंदिर में भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। कथावाचक अनुराग कृष्ण ने कथा पाठ किया। श्रद्धालुओं ने श्री कृष्ण व रुक्मणी विवाह धूमधाम से मनाया और परंपराग तरीके से उपहार आदि भेंट किए। राधा-कृष्ण की झांकी भी निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की पूजा अर्चना की। कथावाचक अनुराग कृष्ण ने कहा कि भागवत कथा में विशेष महत्व भगवान श्री कृष्ण विवाह प्रसंग है। इसमें माता रुक्मणी के द्वारा भगवान को लिखे गए प्रेम पत्र पर विशेष महत्व देते हुए सामाजिक सरोकार में पति-पत्नी के दांपत्य जीवन के बारे में उल्लेख किया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मणी माता से विवाह किया।

इस भागवत कथा के दौरान भजनों पर नृत्य कर श्रद्धालु झूम उठे। कथा आयोजन में मंदिर महंत वीरेंद्र गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर में इस प्रकार के आयोजन भविष्य में किए जाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि महंत नोमी गिरी महाराज की याद में 8 दिसंबर को मंदिर परिसर में जागरण एवं 9 दिसंबर को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस भंडारे में दूरदराज से साधु महात्माओं के पहुंचने की व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति में धर्मवीर यादव, विजय रोहिल्ला , महेंद्र शर्मा एडवोकेट अश्वनी तिवारी ने विशेष योगदान दिया।

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