संकटकाल:पानीपत से देर रात 11:30 बजे टैंकर पहुंचा तो 1:50 बजे अस्पतालों को मिल पाई ऑक्सीजन

रेवाड़ी6 महीने पहले
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रात को फिलिंग सेंटर पर सिलेंडर फिल करते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
रात को फिलिंग सेंटर पर सिलेंडर फिल करते कर्मचारी।
  • रात को अस्पतालों में खत्म हुई ऑक्सीजन
  • ऑक्सीजन खत्म होने पर रात 10 बजे डीसी से मिलने पहुंचे डॉक्टर

अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर लगातार जद्दोजहद चल रही है। गुरुवार को भी देर शाम कई अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो गई। रात तक भी ऑक्सीजन सप्लाई नहीं आने पर अफरा-तफरी मच गई। दिन में ही ऑक्सीजन किल्लत का डर था, इसलिए प्रशासन ने हाईकमान केा अवगत करा दिया था, जिसके बाद पानीपत से ऑक्सीजन टैंकर रवाना किया गया।

रात 10 बजे तक भी टैंकर नहीं आया तो खुद अस्पताल संचालक डीसी यशेंद्र सिंह से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। डॉक्टरों ने कहा कि 2 घंटे में ऑक्सीजन नहीं मिली तो बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। डीसी ने टैंकर की स्थिति का पता कर जल्द ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। आखिर रात 11:30 बजे ऑक्सीजन टैंकर तो पहुंच गया, मगर वहां से सिलेंडरों में भरने के बाद देर रात 1:50 बजे अस्पतालों को ऑक्सीजन मिल पाई।

अटकी रही मरीजों की सांसें, आधा घंटा देरी होती तो बिगड़ सकती थी तबीयत

परिजन रात को ढूंढते रहे सिलेंडर

ऑक्सीजन संकट होते ही अस्पतालों और मरीजों के तीमारदारों की भी भागदौड़ शुरू हो गई। डॉ. विराटवीर ने बताया कि उनके पास रात 10 बजे तक ही ऑक्सीजन की व्यवस्था थी, मगर मरीज सबसे ज्यादा भर्ती हैं, इसलिए दूसरे अस्पतालों से किसी से 5 तो किसी से 2 सिलेंडर लेकर काम चलाया। इधर, मरीजों के तीमारदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। लोग खुद ही व्यवस्था कर अस्पताल में सिलेंडर लाते नजर आए।

10 अस्पतालों की गाड़ियां लगी रही कतार में

पानीपत से मेडिकल ऑक्सीजन का टैंकर पहुंचने से पहले ही बावल फिलिंग सेंटर में करीब 10 अस्पतालों की गाड़ियां कतार में लगी नजर आईं। ऑक्सीजन आने के बाद भी डेढ़ घंटा अस्पतालों तक पहुंचने में लगा, क्योंकि टैंकर से पहले सिलेंडरों में भरा गया, इसके बाद सप्लाई दी गई।

192 नए केस, 3 जानें गई

कोरोना के केस हर रोज बढ़ रहे हैं। गुरुवार केा एक बार फिर से कोरोना बम फूटा। एक ही दिन में 192 पॉजिटिव केस मिले। इसमें 25 विद्यार्थी भी शामिल है। यह पहली बार है जब जिले में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित मिले हों। हालांकि दूसरे जिलों में इससे भी अधिक केस आ रहे हैं।

पड़ोसी जिले महेंद्रगढ़ में तो गुरुवार को 500 से ज्यादा केस आए। वहीं अलवर जिले में 1100 से ज्यादा केस मिले। रेवाड़ी जिले में अब तक 13166 संक्रमित मिले चुके हैं। 192 केस मिलने से सक्रिय केस भी 567 पहुंच गए। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार 3 लोगों की मृत्यु हुई है। जान गंवाने वालों में 40 व 45 वर्षीय पुरुष तथा 62 वर्षीय महिला है।

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