शिकायत:नशे की ओवरडोज से युवक की मौत के बाद 6 पर गैरइरादतन हत्या केस

डबवालीएक महीने पहले
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  • बाइक पर मृत मिला था युवक, लगी थी चिट्टे की सिरिंज

राजस्थान बॉर्डर के नजदीक लोहगढ़ एरिया में नशे का इंजेक्शन लगे मृत मिले युवक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने छह लाेगाें के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस ने साेमवार काे पाेस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। राजस्थान के सीमावर्ती गांव ढाबा में परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार करते हुए हरियाणा पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके में नशा सप्लाई करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

गाैरतलब है कि लोहगढ़ के पास करणी सिंह नहर किनारे युवक अभय पुत्र धर्मपाल निवासी ढाबा, हनुमानगढ़ राजस्थान नंबर की बाइक पर मृत मिला था, जिसके बाजू में चिट्टे की सिरिंज लगी हुई थी और उसकी जेब से भी एक और सिरिंज बरामद हुई है।

सूचना मिलने पर चौटाला चौकी से हेड कांस्टेबल जसपाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों के सहयोग से शव को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था मांगी लेकिन लोग मौके से खिसक गए। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर सबको अस्पताल में पहुंचाया गया।

हेड कांस्टेबल जसपाल सिंह ने बताया कि मृतक के बाइक नंबर से पड़ताल की और पहचान होने पर राजस्थान के ढाबा से सुनील पुत्र धर्मपाल ने अपने छोटे भाई अभय के तौर पर पहचान की। सुनील ने पुलिस को बताया कि नशा सप्लाई करने वाले हीरा उर्फ लीला व जस्सी उर्फ सरवी पुत्र त्रिलोचन सिंह, गुरप्यार सिंह पुत्र जगसीर सिंह, विनोद पुत्र गोविंद राम, कुलविंदर उर्फ किन्दा पुत्र धर्म सिंह, जगसीर सिंह पुत्र लीला सिंह वासियान गांव लोहगढ सहित अन्य लोगों द्वारा अभय को नशा की ओवर डोज देने के कारण मौत हुई है। जिसकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीण बोले- सरेआम बिकता है नशा; नहीं होती कार्रवाई

ग्रामीणों ने बताया कि राजस्थान और पंजाब सीमावर्ती एरिया होने से इलाके में नशा तस्कर अक्सर आते-जाते रहते हैैं। पुलिस की ढिलाई के कारण नशेड़ियाें के लिए भी यह एरिया सुरक्षित बना हुआ है। किसानों ने बताया कि आमजन इससे बहुत परेशान है।

वे पुलिस को सूचना भी देते हैं तो तस्करों और अपराधियों को पहले ही पता चल जाता है। जिसके चलते पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति विश्वास नहीं होने से चुप्पी ही बेहतर है। नाम नहीं छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में मेडिकल पर मांगते ही सिरिंज मिलती है और फोन करते ही नशे की पुड़िया पहुंच जाती है।

कई बड़े लोग तस्करी के खेल में शामिल हैं और उनको सार्वजनिक तौर पर कार्यक्रमों में राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं के साथ देखा जाता है। पुलिस चौकी और थानों में पंचायत के दौरान वही लोग कुर्सियों पर बैठे होते हैं।

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