काम में देरी:दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद फील्ड में उतरे शिक्षा अधिकारी

सिरसाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • विभाग ने स्कूलों में 4 अप्रैल से 15 मई तक विजिट के दौरान जांची व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी

प्राथमिक मॉडल संस्कृति स्कूलों में व्यवस्था को जांचने के लिए समय पर विजिट न करने के चलते जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी मुश्किलों में पड़ते दिखाई दे रहे हंै। निदेशालय की ओर से जिला स्तर के प्राथमिक मॉडल स्कूलों में 4 अप्रैल से 15 मई तक विजिट के दौरान जांची व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी है।

अब खानापूर्ति हो रही

विजिट करना भूले जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सब काम छोड़कर अब फील्ड में उतरे हैं और स्कूलों में जाकर जानकारी ले रहे हंै। ऐसे निदेशालय के आदेशों के बाद शुरू हुई विजिट महज खानापूर्ति लग रही है, क्योंकि अब तक दाखिला प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

शिक्षा निदेशालय की ओर से आए शेड्यूल में बताया गया है कि डिप्टी डायरेक्टर मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से पंचकूला में संस्कृत मॉडल स्कूलों को लेकर 31 मई को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की मीटिंग ली जाएगी। इसमें बताया गया है कि मीटिंग में आने से पहले मांगी गई जानकारी प्रोफार्मा में भरकर दिए गए लिंक पर सेंड की जाए।

इसमें बताया है कि संस्कृत मॉडल स्कूलों का स्टेटस क्या है। अन्य मांगी गई जानकारी 25 अप्रैल तक लिंक पर सेंड करनी होगी। जिसके बाद निदेशालय ने मॉडल स्कूलों की विजिट, दाखिले, कमरों की स्थिति व अन्य बिंदुओं पर पंचकूला में प्रस्तावित 31 मई को होने वाली मीटिंग के दौरान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से बातचीत कर विस्तार से जानकारी लेंगे।

25 मई तक लिंक पर देनी होगी जानकारी

जिला में स्थापित 85 प्राथमिक मॉडल स्कूलों में कितने जिला शिक्षा अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी या दोनों ने विजिट किया है, इसके लिए स्कूलों के नाम सहित लिस्ट तैयार कर सबमिट की जाए। विजिट की ये रिपोर्ट 4 अप्रैल से 15 मई तक की हो।

इसके साथ ही कितने स्कूलों में अपने स्तर पर इंटरनेट की सुविधा दी गई। उनकी संख्या नाम सहित मुहैया करानी होगी। अधिकतर संस्कृति मॉडल स्कूलों में आरओ सिस्टम का अभाव है, ये रिपोर्ट भी मांगी गई है। इसमें बताना होगा उनकी ओर से कितने स्कूलों में अपने स्तर पर आरओ सिस्टम लगाए हैं, नाम स्कूल कोड साथ देना अनिवार्य है।

बैठक में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा

जिला सिरसा के जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार ने बीते दिनों पंचकूला में हुई बैठक में भाग लिया। मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में सिविल वर्क के लिए करीब 8 करोड़ रुपये की जरूरत व सातों सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 91 शिक्षकों व 23 नॉन टीचिंग स्टॉफ की आवश्यकता होने की जानकारी डिप्टी डायरेक्ट अर्मिता के समक्ष रखते हुए स्कूलों की स्थिति का वर्णन किया था। वहीं इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों की ओर कमरों व अध्यापकों की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के बारे में भी अवगत करवाया।

निदेशालय ने कई जानकारियां मांगी

प्राथमिक स्कूलों में विजिट की जा रही है और निदेशालय की ओर से मांगी जानकारी का पत्र खंड स्तर में भेज 27 मई तक रिपोर्ट देने के लिए आदेश जारी किए है।'' -आत्म प्रकाश मेहरा, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।

खबरें और भी हैं...