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प्रशासन बैकफुट पर:शहर में बसों की एंट्री बहाल, बस स्टैंड के लिए 40 ज्यादा लगने से लोगों ने जताया था ऐतराज, 25 साल पुराने रूट पर चलेंगी

सिरसाएक महीने पहलेलेखक: जगसीर शर्मा
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सिरसा। शहर में बसों के नो एंट्री प्लान से ऑटो की भरमार रहने से बस स्टैंड के सामने लगा रहता था जाम। - Dainik Bhaskar
सिरसा। शहर में बसों के नो एंट्री प्लान से ऑटो की भरमार रहने से बस स्टैंड के सामने लगा रहता था जाम।
  • जाम से निजात दिलाने के लिए 4 माह पहले मीटिंग में बसों को स्टैंड से बाइपास निकालने का लिया था निर्णय

शहर में डबवाली रोड स्थित सांगवान चौक व नोहर- भादरा की बसें पुराने रूट से चलेंगी। बसों के शहर में नो- एंट्री प्लान से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें के मध्यनजर जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है । अब यात्रियों को बस स्टैंड आवागमन के लिए 40 रुपये अतिरिक्त ऑटो किराया नहीं देना पड़ेगा। वहीं निजी और रोडवेज बसों के भेदभाव का झंझट खत्म हो जाएगा ।

बीते मंगलवार को बस स्टैंड का निरीक्षण करने पहुंचे हरियाणा दिव्यांग जन आयुक्त राजकुमार मक्कड़ के समक्ष एसो. ने यह मामला उठाया था। जिसके बाद डीसी अजय तोमर ने बुधवार दोपहर बाद रोड सेफ्टी की मीटिंग में इस पर संज्ञान लेते हुए बसों की एंट्री को खोलने पर सहमति जताई। जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली है।

तत्कालीन डीसी ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए डबवाली रोड स्थित अस्पतालों को वाहन पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, क्योंकि बीच सड़क खड़े वाहनों से दिनभर जाम लगता था। लेकिन 17 दिसंबर 2021 को एक मीटिंग आयोजित की गई। जिसमें बसों को बस स्टैंड से बाइपास करने का फैसला लिया गया था।

इससे अस्पताल संचालकों की पार्किंग का मसला ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन बसों में सफर करने वाले यात्रियों की मुि‍श्‍कलें बढ़ गई थी । हालांकि कुछ संगठनों ने इसका विरोध किया, प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने सिफारिश के दम पर अपनी बसें सांगवान चौक से करवा ली थी । लेकिन रोडवेज बसों को बाइपास निकलने का सिलसिला जारी था ।

जिससे डिपो की आमदनी गिरने के साथ- साथ आमजन के लिए बेहद परेशानी थी । इसको लेकर डिपो जीएम केआर कौशल ने डीसी व विभाग के डायरेक्टर जनरल को पत्र लिखा। जिसमें यात्रियों की मुश्किलों का उल्लेख किया गया। डीसी ने संज्ञान लिया और बसों को पुन पहले की तरह संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

4 माह से हो रहा था फैसले का विरोध

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर बसों की नो एंट्री प्लान बनाया था । लेकिन इससे जनता की मुश्किलें एकाएक बढ़ गई थी । जिसके बाद जिला प्रशासन ने यात्रियों की मांगों के आधार पर फिर से बसों को बीच शहर से चलाने का निर्णय लिया है ।

बता दें कि शहर के डबवाली रोड स्थित दोनों तरफ निजी अस्पताल हैं । जहां ज्यादातर अस्पतालों में वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं। जिसके कारण वाहन बीच सड़क खड़ा करके मरीजों को उतारा जाता है । ऐसे में बाजार में जाम लगता था । लेकिन जिला प्रशासन ने जिन मौजिज लोगों को मीटिंग में लिया था, उन्होंने आमजन के हित में नहीं बल्कि अपने चहेतों के हक में फैसला लेकर यात्रियों की मुि‍श्‍कलें बढ़ाई थी । ऐसे में अब डबवाली मार्ग व नोहर- चौपटा साइड की बसें हिसार रोड स्थित महाराणा चौक से चलाई गई थी ।

अतिक्रमण से निजात दिलाने पर सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था

शहर में बसों की नो- एंट्री से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए नगरपरिषद प्रशासन शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान की खानापूर्ति नहीं बल्कि सख्ती से चलाए । क्योंकि सरकूलर रोड, जनता भवन रोड, मोहता मार्केट, डबवाली रोड, हिसारिया बाजार, रोड़ी बाजार, भादरा बाजार व हिसार रोड पर अतिक्रमण के कारण जाम रहता है ।

डबवाली रोड पर जाम लगने का मुख्य कारण अस्पतालों के बाहर लगाए गए जनरेटर और ज्यादातर अस्पतालों के पास वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं होना है। अगर निजी व्हीकल बीच सड़क खड़े नजर आएंगे, तो जाम लगना सभाविक है ।

जनहित में फिर शहर में बहाल करवाई बसों की एंट्री : केआर कौशल

शहर में बसों की नो- एंट्री प्लान यात्रियों को रास नहीं आया था । उन्हें बेहद परेशानी पेश आती थी । बाजार आवागमन का ऑटो किराया देना पड़ता था । निशक्तजन परेशान थे, अब डीसी के निर्देशानुसार बसों की एंट्री को फिर से बहाल करवाया है । डिपो का एक कर्मचारी सांगवान चौक में तैनात रहेगा। जो जाम लगने के कारणों की रिपोर्ट करेगा।'' -केआर कौशल, जीएम रोडवेज डिपो, सिरसा।

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