निरीक्षण:वार्डों व बाथरूम की टूटी मिलीं टाइलें, सामान भी नहीं था निर्धारित स्थान पर

सिरसाएक महीने पहले
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सिरसा। सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड में निरीक्षण करते हुए ओपीडी इंचार्ज डॉ पंकज अग्रवाल। - Dainik Bhaskar
सिरसा। सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड में निरीक्षण करते हुए ओपीडी इंचार्ज डॉ पंकज अग्रवाल।
  • सिविल अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं की शिकायतों पर हरकत में आए विभागाधिकारी, ओपीडी इंचार्ज ने निरीक्षण कर जांची व्यवस्थाएं

जिले के सिविल अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं की शिकायतों से विभागाधिकारी हरकत में आए हैं। कार्यकारी पीएमओ डॉ. संदीप गुप्ता के निर्देशानुसार सोमवार को ओपीडी इंचार्ज एवं ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. पंकज अग्रवाल ने अस्पताल में औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची। उनके साथ चीफ नर्सिंग ऑफिसर गायत्री व सीनियर नर्सिंग ऑफिसर ललिता मौजूद थी।

सबसे पहले उनकी टीम के अस्पताल के गायनी वार्ड में पहुंची। जहां ड्यूटी रूम में बायोमेडिकल वेस्ट की व्यवस्था नहीं थी। जिस पर ड्यूटीरत स्टाफ नर्स को फटकार लगाई। उन्हें व्यवस्थाएं सुचारू करने के निर्देश दिए। इसके बाद डॉ. पंकज ने नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। जहां काफी सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई थी।

कोई सामान अपने निर्धारित स्थान पर नहीं रखा था। इससे गुस्साए ओपीडी इंचार्ज ने शीघ्र सफाई व्यवस्था सुचारू करने और दोबारा लापरवाही बर्दाश्त नहीं किए जाने की चेतावनी दी। हालांकि देर शाम को अस्पताल में कुछ कर्मियों की स्पेशल ड्यूटी लगाकर चीफ नर्सिंग ऑफिसर ने अस्पताल में साफ- सफाई करवाने का विशेष अभियान चलाया। जिससे अस्पताल में हालातों में सुधार नजर आया। वहीं पेयजल व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। बेशक अस्पताल में व्यवस्थाएं थोड़ी सुधरी हैं, मगर कई वार्डों के टॉयलेट भी साफ नहीं हैं। जगह-जगह दीवार पर पीक के धब्बे हैं। वार्डों व बाथरूम की टाइलें व दरवाजे टूटे हुए हैं। इतना ही नहीं ऑपरेशन थियेटर में लगे दरवाजों की हालत बेहद खस्ता है।

तत्कालीन पीएमओ ने भी निरीक्षण कर जांची थीं व्यवस्थाएं

इससे पहले अप्रैल में तत्कालीन पीएमओ डॉ. वीरेश भूषण ने जिला नागरिक अस्पताल में औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची थी। उनके साथ आरएमओ डॉ. पवन कुमार थे, इस दौरान वार्डों में अनेक अव्यवस्थाएं सामने आईं थी। जिसमें स्टाफ की लापरवाही उजागर हुई थी।

अस्पताल के गायनी वार्ड से लेकर सर्जिकल व ऑर्थों वार्ड में स्टाफ एमरजेंसी किट नहीं दिखा पाया था। वहीं वार्डों में बॉयोमेडिकल वेस्ट डालने की व्यवस्था नहीं थी। सर्जिकल वार्ड में एमरजेंसी ट्रे दिसंबर में स्टैवलाइज थी, जिसमें औजार अधूरे थे। गायनी वार्ड के ड्यूटी रूम में मेडिसिन ट्रॉली में टूटे हुए इंजेक्शन और चीनी के पैकेट पड़े थे। जिस पर स्टाफ को फटकार लगाई थी। जिसके बाद हालातों में थोड़ा सुधार देखने को मिला है।

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