हत्या का मामला:शिक्षण संस्थानों के आसपास चाय की दुकानों से डाली जा रही, युवाओं को नशे की लत

सिरसाएक महीने पहले
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  • रानियां में दो दिन पहले नशे से एक परिवार के दूसरे बेटे की हो गई थी मौत, एक माह में नशे से करीब 7 युवक गंवा चुके जान, चिट्टे के इंजेक्शन से 60-70% एचआईवी या काला पीलिया से ग्रस्त

जिले की पुलिस नशा तस्करों पर बेशक शिकंजा कसे हुए है, लेकिन इसके बावजूद नशा युवाओं की नसों को खोखला कर रहा है। एक माह में करीब 7 युवक नशे से जान गवा चुके हैं। इसी कड़ी में शनिवार को रानियां के एक वार्ड में एक परिवार के दूसरे बेटे की मौत हो गई थी, जिससे लोगों में रोष है। वहीं पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। जिनके घरों में पुलिस छापेमारी कर रही है। वहीं चिट्टा, स्मैक व हेरोइन जैसे नशे की तस्करी में सिरसा की महिलाएं तक शामिल हैं। जिससे अनेकों युवतियां व नाबालिग भी नशे की गिरफ्त में हैं।

सिविल अस्पताल में नशा छोड़ने की इच्छा से पहुंचे युवक ने बताया कि नशा तस्करी का धंधा अब स्कूल, कॉलेज तक पहुंच गया है। जहां आसपास चाय नाश्ता की दुकानों से नशेड़ियों का नेटवर्क चलता है। नशेड़ी पहले स्टूडेंट्स से मित्रता कर उसके साथ चाय पीते हैं, फिर सिगरेट से शुरू होकर उनका ग्रुप चिट्टे, स्मैक तक पहुंचता है। छात्र को साथियों सहित नशे का आदि करते हैं। फिर वही लोग उनके माल सप्लाई का जरिया बनते हैं। जहां से उनका नेटवर्क बढ़ता चला जाता है। नशे की लत ही युवाओं को क्राइम की दुनियां में धकेल देती है और उसके वापस लौटने के रास्ते बंद हो जाते हैं। जैसा कि एक नशा छोड़ने की इच्छा के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे नशे के आदि हो चुके एक छात्र ने बताया। उसने कहा कि तस्कर नशा देने यहां तक आने को तैयार हैं, लेकिन वह नशा से तौबा करके पहुंचा है। उसने अपनी बहन की शादी करनी है और वह माता पिता का एक मात्र सहारा है।

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